जम्मू-कश्मीर में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के साथ नगर निकाय चुनाव की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। प्रदेश के नगर निकायों में नए सिरे से परिसीमन की तैयारी की जा रही है। प्रदेश के चुनाव आयुक्त ने सभी बीस जिलों के उपायुक्तों से परिसीमन की प्रक्रिया में शामिल होकर सुझाव और प्रस्ताव देने को कहा है। निकाय चुनाव साल के अंत तक हो सकते हैं।
प्रदेश के चुनाव आयुक्त बीआर शर्मा ने मंगलवार शाम को डेढ़ घंटे की वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में सभी जिलों के उपायुक्तों से निकाय चुनाव की प्रक्रिया पर चर्चा की। इसमें प्रमुख रूप से परिसीमन पर बात की गई। आगामी निकाय चुनाव में परिसीमन की सूरत में कई निकायों का विस्तार हो जाएगा। जम्मू कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद पहली बार निकाय चुनाव होने हैं।
इससे पहले वर्ष 2018 में जब यह चुनाव हुए थे उस समय जम्मू कश्मीर एक पूर्ण राज्य था। वर्ष 2019 में जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन के बाद निकाय चुनाव नहीं हो पाए हैं। प्रदेश में नगर निकायों का कार्यकाल नवंबर 2023 में संपन्न हुआ है। जम्मू जिला में 75 वार्ड हैं। जिले में एक जम्मू नगर निगम (जेएमसी) के अलावा नगर पालिका अरनिया, नगर पालिका अखनूर, नगर पालिका बिश्नाह, नगर पालिका घो मन्हासा, नगर पालिका ज्यौड़ियां, नगर पालिका खौड़ और नगर पालिका आरएसपुरा है।
निकाय चुनाव में पहली बार मिल सकता है ओबीसी आरक्षण
जम्मू कश्मीर में आगामी निकाय चुनाव में पहली बार ओबीसी आरक्षण को लागू करने के लिए कई निकाय हल्कों को चिह्नित किया जा सकता है। इससे पहले इन चुनाव में ओबीसी आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं था। लेकिन पिछले साल ओबीसी आरक्षण की व्यवस्था को सुनिश्चित बनाने की प्रक्रिया से निकाय चुनाव लंबित हुए हैं। जम्मू कश्मीर प्रशासनिक परिषद ने 28 दिसंबर 2023 को जम्मू कश्मीर पंचायती राज अधिनियम में संशोधन किया है, जो शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण की अनुमति देता है।
प्रदेश में निकाय की स्थिति
- नगर निगम 2
- नगर परिषद 19
- नगर पालिकाएं 57