जम्मू संभाग के रामबन जिले के बटोत में जल्द ही नया ईपीएफओ कार्यालय खुलने जा रहा है, जिससे डोडा, किश्तवाड़, रियासी और रामबन के करीब दस हजार पेंशनरों को लाभ मिलेगा। नई सुविधा से पेंशनधारकों को जम्मू तक आने-जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और समय व खर्च की बचत होगी।
जम्मू संभाग के चार जिलों रामबन, डोडा, किश्तवाड़ और रियासी के करीब दस हजार से ज्यादा पेंशनरों के लिए खुशखबरी है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) रामबन जिले के बटोत में अपना एक कार्यालय खोलने जा रहा है।
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केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के बाद अब बस गृह मंत्रालय की अनुमति का इंतजार है। उम्मीद है नए साल में नवीन कार्यालय का शुभारंभ हो जाए।
जम्मू से करीब सवा सौ किलोमीटर दूर श्रीनगर जाते समय रामबन जिले में बटोत स्थित है। रामबन से सटे डोडा, रियासी और किश्तवाड़ के पेंशन धारकों को अभी तक पेंशन संबंधी किसी भी समस्या के समाधान के लिए जम्मू स्थित ईपीएफओ कार्यालय आना पड़ता है। आने-जाने में मोटी धनराशि खर्च होने के साथ ही समय भी लगता है। खासतौर पर बुजुर्ग पेंशनरों को काफी दिक्कत होती है।
सभी प्रक्रियाएं पूरी की जा चुकीं : रीजनल कमिश्नर
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इसके लिए ईपीएफओ जम्मू कार्यालय से संपर्क किया। उनके अनुरोध पर रीजनल कमिश्नर सुमीत सिंह ने पहल करते हुए जांच कराया तो रामबन जिले का बटोत स्थान सबसे उपयुक्त पाया गया। जम्मू-कश्मीर राजमार्ग पर स्थित होने के चलते डोडा, रियासी और किश्तवाड़ के लोग भी यहां आसानी से पहुंच सकेंगे। सारी प्रक्रियाएं पूरी की जा चुकी हैं। रीजनल कमिश्नर के मुताबिक अब बस गृह मंत्रालय से हरी झंडी मिलने का इंतजार है।