कोविड की तीसरी लहर में जिला स्तर पर आईसीयू चिकित्सा देखभाल प्रबंधन को मजबूत बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए तकनीशियन और डॉक्टरों को संबंधित सेवाओं के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जम्मू-कश्मीर में कुछ प्रमुख केंद्रों के माध्यम से विशेषज्ञों को सीधे जिला स्तर के डॉक्टरों से जोड़ा जाएगा, ताकि मरीजों को वहीं पर उचित इलाज मिल सके और संक्रमण के दौरान रेफर सिस्टम पर नियंत्रण लगे। स्वास्थ्य विभाग डेली आईसीयू मॉडल में यह पहल करने जा रहा है।
इस नई पहल का उद्देश्य विशेषज्ञों का परामर्श डिजिटल के माध्यम से जिला स्तर के मरीजों तक पहुंचाना है। मसलन अगर जिला स्तर के आईसीयू में कोई तकनीकी या डाक्टरी विशेषज्ञ परामर्श की जरूरत पड़ेगी, तो संबंधित केंद्र से विशेषज्ञ जिला स्तर के डॉक्टरों से जुड़कर उनकी मांग को पूरा करने का प्रयास करेंगे।
इसमें मरीज की बीमारी से जुड़ा ब्योरा लिया जाएगा और उसकी बेहतर चिकित्सा देखभाल के लिए उचित परामर्श दिया जाएगा। जिला स्तर पर प्रत्येक में 10 आईसीयू बिस्तर स्थापित करने से इस महत्वपूर्ण यूनिट में एनेथ्येसिस्ट और प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है। जिसे देखते हुए विशेषज्ञ जिला स्तर के डॉक्टरों से जुड़कर अधिक से अधिक मरीजों की चिकित्सा देखभाल के मामलों में बेहतर परामर्श देने का काम करेंगे।