जम्मू-कश्मीर में बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते सभी सरकारी स्कूल अग्रिम आदेश तक के लिए बंद हैं। हालांकि, बच्चों को मिड डे मील पहुंचाने के लिए समग्र शिक्षा विभाग ने तैयारी कर ली है। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी बच्चों को घर पर ही मिड डे मील के तहत राशन मिलेगा।
पिछले वर्ष समग्र शिक्षा विभाग ने आठ लाख से अधिक बच्चों को सूखा राशन देने के साथ डीबीटी के माध्यम से पैसे उनके खाते में भेजे थे। इस बार समग्र शिक्षा विभाग मई माह से सूखा राशन प्रदेश के सभी जिलों के स्कूलों में वितरित करेगा। शिक्षक अपनी-अपनी कक्षाओं के बच्चों के घरों पर जाकर राशन बांटेंगे।
यह राशन पहली सेे आठवीं कक्षा तक में पढ़ने वाले बच्चों को मिलेगा। बीते वर्ष भी लॉकडाउन लगने के बाद शिक्षकों ने बच्चों के घरों तक मिड-डे-मील का राशन पहुंचाया था। पिछले वर्ष समग्र शिक्षा विभाग ने सभी जिलों में पात्र 886905 बच्चों (प्राथमिक 584387) और (उच्च प्राथमिक 302518) को सूखा राशन (चावल) वितरित किया था और डीबीटी के माध्यम से 92 करोड़ रुपये का वितरण किया था।
योजना के तहत प्राथमिक कक्षा में नामांकित प्रत्येक बच्चे को प्रति दिन 100 ग्राम के हिसाब से खाद्यान्न की नि:शुल्क आपूर्ति की जाती है और उच्च प्राथमिक स्कूल के प्रत्येक बच्चे को क्रमश: 150 ग्राम अनाज प्रदान किया जाता है। योजना में प्रति दिन प्राथमिक स्तर के प्रत्येक बच्चे के लिए खाना पकाने के लिए 4.97 रुपये और प्रति दिन प्रत्येक उच्च प्राथमिक स्तर के बच्चे के लिए 7.45 रुपये खर्च करने का भी प्रावधान है।
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