एमबीबीएस और बीडीएस में प्रवेश के लिए आतंकवाद पीड़ित परिवार से जुड़े अभ्यर्थियों को इस बार वरीयता दी जाएगी। केंद्र सरकार ने इस श्रेणी के लिए केंद्रीय पूल से सीटें आवंटित करने की तैयारी कर ली है। इसी के मद्देनजर अब जम्मू-कश्मीर व्यावसायिक प्रवेश परीक्षा बोर्ड (जेकेबीओपीईई) ने नोटिस जारी कर दिया है।नोटिस के अनुसार प्रवेश के लिए जम्मू-कश्मीर के आतंकवाद पीड़ित वर्ग के नीट में उत्तीर्ण छात्रों को केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार वरीयता दी जाएगी।
आतंकवाद पीड़ितों के लिए बनाई गई तीन श्रेणियों से जुड़े अभ्यर्थियों को संबंधित दस्तावेज 17 नवंबर तक जमा करवाने को कहा है। आतंकवाद पीड़ितों की पहली प्राथमिकता श्रेणी में वे अभ्यर्थी होंगे, जिनके अभिभावक या परिवार के सदस्य की आतंकी गतिविधि अथवा क्रॉस फायरिंग में मौत हुई है। दूसरी प्राथमिकता श्रेणी में वे अभ्यर्थी होंगे, जिनके परिवार से कोई सदस्य आतंकी रोधी अभियान में है या फिर आतंकियों की हिटलिस्ट में शामिल है। तीसरी श्रेणी में वे उम्मीदवार होंगे, जिनके परिवार कश्मीर के हालात के बीच विस्थापित हो गए हैं और उनकी आजीविका प्रभावित हुई है।
- आतंकी घटनाओं में मौत के मामले में अभ्यर्थी को संबंधित पुलिस थाने से मृत्यु प्रमाण पत्र और पोस्टमार्टम रिपोर्ट लानी होगी। प्रमाणपत्र और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सक्षम अधिकारी एसएचओ और एसएसपी के हस्ताक्षर होने चाहिए।
- आतंकियों की हिटलिस्ट पर परिवार अथवा जान के जोखिम श्रेणी वाले अभ्यर्थी को डीआईजी, सीआईडी और एसएचओ की ओर से जारी किया गया जान का जोखिम प्रमाणपत्र लाना होगा।
- कश्मीर में वर्तमान हालात में विस्थापित श्रेणी से जुड़े अभ्यर्थी को राहत एवं पुनर्वास आयुक्त से विस्थापन का सर्टिफिकेट लाना होगा।
गृह मंत्रालय के निर्देश पर जम्मू-कश्मीर बोर्ड ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर दिया है। वरीयता के लिए सीटों का आवंटन अखिल भारतीय स्तर पर होगा। अभ्यर्थियाें को निर्धारित तारीख तक संबंधित दस्तावेज जमा करवाने होंगे।
- डॉ. सुनील गुप्ता, परीक्षा नियंत्रक, जेकेबीओपीईई