संभाग में बाढ़ पीड़ितों को सिर छिपाने के लिए सरकारी स्कूलों में अस्थायी आशियाना मिलेगा। प्रभावित क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में प्री फैबरिक ढांचे को तैयार किया जाएगा।
जिला उपायुक्तों से पीड़ित परिवारों की जानकारी मांगी गई है। जिसमें अगले कुछ दिनों में अस्थायी ढांचे पर काम करना शुरू कर दिया जाएगा।
मंडलायुक्त शांतमनु के अनुसार स्कूलों में अस्थायी ढांचे के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि पीड़ितों का पुनर्वास होने पर ढांचे को स्कूलों में शामिल किया जा सके।
जानकारी के अनुसार उधमपुर के सदल गांव में भारी बारिश के दौरान गत सितंबर में पूरा गांव जमीन के नीचे दब गया था। इसमें चालीस लोगों की मौत हुई थी।
अभी तक कई लोगों के शव बरामद नहीं किए जा सके हैं। इस इलाके को असुरक्षित घोषित किया गया है और प्राकृतिक आपदा से 132 परिवार प्रभावित हुए थे। इसी तरह पुंछ के गुज्जर हास्टल में चालीस परिवार को शरण लेनी पड़ी है।
राजोरी में भी इतने ही परिवारों के पास मौजूदा समय में कोई आशियाना नहीं है। किश्तवाड़ सहित अन्य जिलों से भी बाढ़ प्रभावित परिवारों की जानकारी ली जा रही है।
प्री फैबरिक ढांचे में 280 स्केयर फीट में बाथरूम, किचन, बेडरूम और सीटिंग रूम का निर्माण किया जाएगा। आरएंडबी विभाग के चीफ इंजीनियर अब्दुल हमीद शेख के अनुसार बाढ़ पीड़ित परिवारों को रहने के लिए अस्थायी ढांचे का निर्माण किया जा रहा है।
विभाग ने प्री फैबरिक ढांचे को तैयार करने के लिए तैयारी कर दी है। सरकार की ओर से सूची मिलने पर काम शुरू कर दिया जाएगा। यह ढांचे मौसम के मिजाज को ध्यान में रखते हुए तैयार किए जाएंगे।