रियासत की पन बिजली परियोजनाओं से होने वाले उत्पादन को ठंड लगना शुरू हो गई है। खासतौर से दरियाओं में जल स्तर में गिरावट आने की वजह से सिंधु जल समझौते के तहत रन द वाटर स्कीम पर चल रही परियोजनाओं में उत्पादन कम हो गया है। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चिनाब दरिया पर चल रही परियोजनाओं में उत्पादन प्रभावित होना शुरू हो गया है।
बगलिहार एक और बगलिहार दो परियोजना में उत्पादन में कमी आई है। चिनाब, झेलम व सिंधु नदी पर चल रही परियोजनाओं में उत्पादन गिरना शुरू हो चुका है। सर्दी बढ़ने के साथ साथ नदियों व दरियाओं में जल स्तर और भी कम होगा और इसका सीधा असर पन बिजली उत्पादन पर पडे़गा।
सर्दियों में जम्मू में बिजली की मांग जहां गर्मियों के मुकाबले में कम हो गई है, वहीं कश्मीर संभाग में बिजली की मांग बढ़ गई है। उत्पादन कम होने व कश्मीर में बिजली की मांग बढ़ने से रियासत के बिजली विभाग को उत्तरी ग्रिड से आने वाले दिनों में अतिरिक्त बिजली खरीदनी पड़ सकती है।
उधर रियासत की करीब तीन पन बिजली परियोजनाओं में कहीं तकनीकी खराबी तो कहीं अन्य कारणों की वजह से बिजली का उत्पादन ठप पड़ा हुआ है। इनमें सेवा तीन परियोजना, भद्रवाह, पहलगाम व इकबाल पन बिजली परियोजना शामिल है।