सर्जिकल स्ट्राइक भले ही एलओसी से जुड़े पाकिस्तान के लांचिंग पैड पर हुआ हो, लेकिन नियंत्रण रेखा की तुलना में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ज्यादा तनाव महसूस किया जा रहा है। सर्जिकल स्ट्राइक से पहले और उसके बाद सरहद पर सीजफायर उल्लंघन अधिक हुआ है। भारत-पाक नियंत्रण रेखा पर हर महीने औसतन 15 बार सीजफायर का उल्लंघन हो रहा है जबकि बार्डर पर यह औसत 20 के करीब है।
बार्डर पर बीएसएफ और एलओसी पर सेना के जवानों की तुलना में ग्रामीणों को भी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ी है। जवानों से अधिक ग्रामीणों की मौतें हो रही हैं। चौंकाने वाला तथ्य यह भी है कि सर्जिकल स्ट्राइक के बावजूद पिछले साल की तुलना में इस साल सीजफायर उल्लंघन की कम घटनाएं हुई हैं। सेना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की बार्डर एक्शन टीम (बैट) एलओसी पर लगातार सक्रिय है।
अग्रिम पोस्टों पर बैट हमले की आशंका बढ़ी है। भारतीय सेना की बार्डर एक्शन टीम ने सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भिंबर में इस सप्ताह पीओके में कार्रवाई की है जिसमें पाकिस्तान के 7 सैनिक मारे गए। फिलहाल नौशेरा और अन्य सेक्टरों में पाकिस्तान द्वारा सीजफायर का उल्लंघन बैट कार्रवाई का जवाब माना जा रहा है।
एलओसी पर 167 बार सीजफायर का उल्लंघन
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- फोटो : File Photo
गृह विभाग के दस्तावेजों के अनुसार इस साल 10 नवंबर तक एलओसी पर पाकिस्तान ने 167 बार सीजफायर का उल्लंघन किया है। जबकि बार्डर पर 210 बार सीजफायर तोड़ा गया। पिछले साल पाकिस्तान ने एलओसी पर 152 बार और बार्डर पर 253 बार सीजफायर का उल्लंघन किया था।
एलओसी और बार्डर पर इस साल कुल 369 बार पाकिस्तान ने सीजफायर तोड़ा जबकि 2015 में 405 बार पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया। चार साल के आंकड़े बताते हैं कि 2014 में एलओसी पर 153 और बार्डर पर 430 बार सीजफायर तोड़ा गया। इस तरह 2014 में कुल 583 बार सीजफायर का उल्लंघन हुआ। उससे पहले 2013 में यह आकंड़ा 347 था।
सीजफायर उल्लंघन में ग्रामीणों को चुकानी पड़ रही बड़ी कीमत
विस्थापितों का जीवन जीने को मजबूर सीमांत ग्रामीण
- फोटो : Amar Ujala
सीजफायर उल्लंघन में ग्रामीणों को बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है। पाकिस्तान की गोलाबारी में अब तक 12 ग्रामीण मारे जा चुके हैं और 76 घायल हुए हैं। इस दौरान सेना के 8 जवान शहीद और 59 घायल हुए हैं।
बीएसएफ के 4 जवान शहीद हुए और 7 घायल हुए हैं। पिछले साल सीजफायर उल्लंघन में 16 नागरिक मारे गए थे जबकि सेना के 6 और बीएसएफ के 4 जवान शहीद हुए थे।