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गर्मी में बिजली संकट से होगी परेशानी, अब तक कोई मुकम्मल इंतजाम नहीं

Thu, 23 Feb 2017 01:42 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू
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बिजली संकट गहराने की उम्मीद - फोटो : डेमो फोटो
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गर्मी के मौसम में संभाग में बिजली की अघोषित कटौती से उपभोक्ताओं को राहत मिलने के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं। ग्रिड स्टेशनों से लेकर रिसीविंग स्टेशनों पर ओवरलोड कम नहीं हो पाया है। इसके अलावा डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मरों पर भी तय क्षमता से अधिक लोड को कम नहीं किया जा सका है। इसका नतीजा आगामी गर्मी के मौसम में देखने को मिल सकता है। 
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आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रियासत में बिजली की समस्या के लिए अनेकों कारण जिम्मेदार हैं। इसमें बिजली ढांचों पर जरूरत से ज्यादा लोड, पुराना ढांचा, बिजली की मांग और उपलब्धता में भारी अंतर, ढांचागत कमियां और आरएपीडीआरपी प्रोजेक्ट पर जारी कार्य मुख्य रूप से शामिल हैं।

रियासत में बिजली की मांग मौजूदा समय में 2700 मेगावाट को भी पार कर चुकी है। वहीं रियासत के अपनी पन बिजली परियोजनाओं में उत्पादन की 1419.37 मेगावाट क्षमता को ही हासिल किया जा सका है। इनमें भी 1110 मेगावाट क्षमता पन बिजली परियोजनाओं की है, जो कि अधिकतर रन द वाटर स्कीम पर होने की वजह से पूरी क्षमता के मुताबिक उत्पादन नहीं कर पाती हैं।
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मांग और उपलब्धता में करीब 1100 मेगावाट का अंतर

बिजली संकट - फोटो : FILE PHOTO
इसके अलावा 198 मेगावाट की गैस टरबाइन है। इसे भी केवल आपातकालीन स्थिति में ही प्रयोग में लाया जाता है। वहीं केंद्रीय सेक्टर के तहत एनएचपीसी की राज्य में लगी परियोजना से रियासत को 12 फीसदी मुफ्त बिजली मिलती है।

कुल मिलाकर 1600 मेगावाट के आसपास ही बिजली की उपलब्धता हो पा रही है और मांग और उपलब्धता में करीब 1100 मेगावाट का अंतर है। बिजली की खरीद करके भी इस अंतर को ज्यादा कम नहीं किया जा सका है।
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