वहीं गुरुवार को जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने एडवाइजरी जारी करते हुए पर्यटकों की आवाजाही पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया है। यह प्रतिबंध अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही लगा दिए गए थे। जारी की गई एडवाइजरी के मुताबिक पर्यटकों को हर जरूरी मदद मुहैया कराई जाएगी। इस एडवाइजरी के बाद पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। होटल मालिक, टैक्सी चालक, शिकारा चलाने वालों के साथ ही स्थानीय दुकानदार भी काफी उत्साहित हैं।
बता दें कि राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बीते सोमवार को राज्य के हालात और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के दौरान एडवाइजरी वापस लेने की हिदायत दी थी। दो अगस्त को राज्य के गृह विभाग की ओर से बड़े आतंकी हमले की आशंका पर एडवाइजरी जारी कर पर्यटकों और अमरनाथ यात्रियों को तत्काल घाटी से लौटने के लिए कहा गया था।
राजभवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिछले छह सप्ताह में ही घाटी के ज्यादातर इलाकों से पाबंदियां हटा ली गई हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि हायर सेकेंडरी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय खोल दिए गए हैं। सरकार के इस फैसले के बाद पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि कोई भी पर्यटक घाटी में नहीं आना चाहेगा, जहां मोबाइल फोन काम न करे।