डाक विभाग रियासत की डाक सेवा को सेंट्रल सर्वर से जोड़ने जा रहा है। गांधी नगर के मुख्य डाकघर से इसकी शुरुआत कर दी गई है। अब बाकी के डाकखानों को भी जोड़ने का कवायद शुरू कर दी गई है। इसके लिए डाकखानों को पूरी तरह से कंप्यूटरीकरण किया जाएगा। नये साल में आधे डाकखानों को कंप्यूटरीकरण किया जाएगा।
जिला और उपजिला मुख्यालयों के डाकखानों में एटीएम लगाने की तैयारी भी की जा रही है। डाकखानों को सेंट्रल सर्वर से जोड़ने का मकसद लोगों को बैंकों जैसी सुविधा देना है। विभाग ने इसका खाका तैयार कर लिया है। रियासत में नौ मुख्य डाकघर हैं। इसके अलावा हर एक जिले में जिला मुख्यालय है।
260 उप जिला मुख्यालय हैं। 1500 डाकखाने भी हैं। अब तक जिला मुख्यालय और उप जिला मुख्यालय ही कंप्यूटरीकरण हैं, लेकिन इनका सिस्टम कार्यालयों तक ही सीमित हैं। जिन मुख्यालयों में कंप्यूटरीकरण है, उसका सर्वर वहीं पर है।
लेकिन अब विभाग इन मुख्यालयों को सेंट्रल सर्वर से जोड़ने जा रहा है। इसके लिए विभाग ने इंफोसिस से अनुबंध किया है। सात साल तक किए गए अनुबंध में पांच साल तक डाकखानों का मेंटेनेंस इंफोसिस ही करेगा।
कैसे जुड़ेंगे सेंट्रल सर्वर से
मौजूदा समय में नौ हेड पोस्ट आफिस, दो सौ सब हेड आफिस ही कंप्यूटरीकृत हैं। अब विभाग बाकी के 1500 डाकखानों, जो दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, इनका भी कंप्यूटरीकरण करेगा। कंप्यूटरीकरण के बाद सभी डाकखाने सेंट्रल सर्वर से जुड़ेंगे। इसके लिए विभाग ने अपना साफ्टवेयर तैयार किया है।
क्या होगा लाभ
सेंट्रल सर्वर से जुड़ने के बाद डाकखाने हाईटेक हो जाएंगे। लोग डाकखानों में अपने बिजली और फोन के बिल का भुगतान कर सकते हैं। विभाग इन डाकखानों में एटीएम की सेवा भी देगा। अभी फिलहाल जम्मू, श्रीनगर और जिला मुख्यालयों में ही एटीएम लगाए जाएंगे। अगले तीन-चार महीनों में एटीएम काम करना शुरू कर देंगे। एटीएम का उपयोग सिर्फ विभाग के उपभोक्ता ही कर सकते हैं।
विभाग में जिसका पैसा जमा होगा, उसको एटीएम कार्ड जारी किया जाएगा। इसके बाद विभाग आरबीआई से बात करेगा और इसके बाद एटीएम का उपयोग दूसरे बैंकों के एटीएम में भी किया जा सकेगा। डाक विभाग लोगों को कोर बैंकिंग की सुविधा देगा।
- बैंकों की तरह ही डाकखानों में सुविधाएं होंगी। विभाग कई सरकारी विभागों से समझौता करेगा और विभिन्न तरह के भुगतान डाकखानों से होने की पहल की जाएगी। साल के मध्य तक आधे से अधिक डाकखानों को कंप्यूटरीकृत किया जाएगा और अगले डेढ़ वर्ष तक सभी होंगे। इनको सेंट्रल सर्वर से जोड़ दिया जाएगा।
-चंद्र प्रकाश, चीफ पोस्ट मास्टर जनरल, राज्य डाक विभाग