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राजनाथ के कश्मीर दौरे को सियासी नफा-नुकसान में तौल रहीं पार्टियां

Fri, 26 Aug 2016 12:04 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : PTI
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केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के दो दिवसीय दौरे का वीरवार को समापन होने के बाद सियासी दल दौरे को सियासी नफा नुकसान में तौलने में जुट गए हैं। 
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भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह का कश्मीर का दौरा कश्मीरियत, इंसानियत और जमहूरियत की केंद्रीय सरकार की कवायद के तहत हुआ।

उनका कहना है कि जहां तक भाजपा का प्रश्न है तो केंद्रीय गृह मंत्री को ज्ञापन सौंपकर आतंकवाद और अलगाववाद से किसी तरह का कोई समझौता न करने को कहा गया है। राजनाथ सिंह से कहा गया है कि आतंकवाद से सख्ती से निपटा जाए।
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पेलेट गन के विकल्प की घोषणा करने के बयान का स्वागत

बैठक में मौजूद विपक्षी दल के नेता - फोटो : PTI
सुरक्षा बलों को हालात से निपटने के लिए खुली छूट देने और खुफिया ग्रिड को मजबूत करने और आतंकवादियों को पब्लिक रैलियां करने की अनुमति न देने और आतंकवाद के लिए आने वाले धन को रोकने और सभी सुरक्षा बलों में समन्वय को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।

कश्मीर में रहने वाले अल्पसंख्यकों को पूरी सुरक्षा देने और मस्जिदों में लाउड स्पीकरों के दुरुपयोग को रोकने और जमात ए इस्लामी की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की गई है। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गुलाम अहमद मीर का कहना है कि कश्मीर घाटी में बिगड़ा माहौल पीडीपी-भाजपा की वादाखिलाफी के खिलाफ लोगों को गुस्सा है।

हालांकि मीर ने केंद्रीय गृह मंत्री के कश्मीर में जल्द पेलेट गन के विकल्प की घोषणा करने के बयान का स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि पेलेट गन पर प्रतिबंध जल्द लागू होना चाहिए। उन्होंने कश्मीर में
आल पार्टीज डेलीगेशन का दौरा करवाने के बयान को भी देरी से उठाया गया कदम मगर सही दिशा में कदम बताया है। 

पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता डा. महबूब बेग का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की संयुक्त पत्रकार वार्ता पर विपक्ष सवाल उठाकर यह साबित कर रहा है कि उसका केवल वन प्वाइंट एजेंडा मुख्यमंत्री पर निशाना साधना है। उनका कहना है कि हालात को सुधारने का विपक्ष के पास कोई प्रैक्टिकल फीड बैक नहीं है। वह केवल राज्य सरकार पर निशाना साधने में ही सियासत करना चाहता है।  
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