रियासत जम्मू कश्मीर के विधानसभा चुनाव इस बार कई मायनों में विशेष होने जा रहे हैं। कल तक जो दल क्षेत्रीय मुद्दों की राजनीति कर विपक्ष में बैठते रहे, वे अब 44 प्लस के जादुई आंकड़े को छूने को लालायित हैं।
लोक लुभावन चुनाव घोषणा पत्र तैयार कर जनता का विश्वास जीतने की कसरत शुरू हो चुकी है। पार्टियों को लगने लगा है कि विधानसभा चुनाव में शह और मात काफी हद तक घोषण पत्र पर टिकी होगी।
पीडीपी के संरक्षक एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद का कहना है कि पीडीपी को लोकसभा चुनाव में कश्मीर की 39 विधानसभा सीटों पर बढ़त हासिल हुई।
जम्मू में दो विधानसभा सीटों पर बढ़त मिली। पार्टी जानती है कि अगर 44 के जादुई आंकड़े तक पहुंचना है तो हर क्षेत्र से जन समर्थन जरूरी है। पीडीपी घोषणा पत्र में तीनों खित्तों का ख्याल रखेगी।
भाजपा ने शुरु किया चुनावी अभियान
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सांसद जुगल किशोर शर्मा का कहना है कि भाजपा सबका साथ सबका विकास चाहती है।
मिशन 44 प्लस के लिए पार्टी को रियासत के तीनों संभागों का जन समर्थन चाहिए। भाजपा विकास के नारे पर चुनाव में उतरेगी। पार्टी के घोषणा पत्र में हर क्षेत्र से सामान विकास की बात होगी।
कांग्रेस को गठबंधन की मजबूरियां
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता एमएलसी रविंद्र शर्मा का कहना है कि साल 2002 से रियासत में कांग्रेस गठबंधन वाली सरकारें रही हैं।
कांग्रेस ने हर क्षेत्र में विकास और जन आकांक्षाओं को पूरा करने का प्रयास किया है। केबल बीस सीटें मिलने के बावजूद जम्मू संभाग से पहला मुख्यमंत्री कांग्रेस ने दिया।
गठबंधन की मजबूरियों की वजह से कुछ मुद्दे लटके रहे लेकिन कांग्रेस ने पूरी कोशिश की कि जम्मू को उसका पूरा हक मिले।
हाल ही में नई प्रशासनिक इकाइयों में जम्मू को 77, कश्मीर को 57 इकाइयां मिलीं। यह सब कांग्रेस की निगरानी के चलते हुआ। चुनाव घोषणा पत्र में जम्मू को प्राथमिकता में रखकर कांग्रेस हर क्षेत्र के विकास की बात रखेगी।
नेशनल पैंथर्स पार्र्टी का एजेंडा रियासत का पुनर्गठन
नेशनल पैंथर्स पार्र्टी के मुख्य संरक्षक प्रो. भीम सिंह का कहना है कि पार्टी का एजेंडा रियासत का पुनर्गठन है। पार्टी का मानना है कि इसी के माध्यम से रियासत के हर क्षेत्र के लोगों के साथ न्याय हो सकता है।
पुनर्गठन के तहत रियासत में पूरे साल जम्मू और कश्मीर संभाग में सचिवालय खुला रखना शामिल है। जम्मू से भेदभाव को खत्म करना और बेरोजगार युवाओं के मसलों का हल आदि मुद्दे पार्टी के घोषणा पत्र में शामिल होंगे।
नेकां के अतिरिक्त महासचिव एवं विधायक डा. मुस्तफा कमाल का कहना है कि नेकां रियासत के तीनों क्षेत्रों की पार्टी शुरू से ही रही है। हर क्षेत्र का ख्याल पार्टी ने रखा है।
शेर-ए-कश्मीर शेख मोहम्मद अब्दुल्ला से लेकर अब तक रियासत के कोने-कोने तक नेकां के समर्थक हैं। घोषणा पत्र में रियासत के हर क्षेत्र का पूरा ध्यान रखा जाएगा।