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Jammu News: बिखरे कुनबे को समेट रही कांग्रेस, अब तक तीन बड़े चेहरों की घर वापसी

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बिखरे कुनबे को समेट रही प्रदेश कांग्रेस
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अब तक तीन बड़े चेहरों की वापसी
- पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद की पार्टी टूटने का कांग्रेस को मिला फायदा
- कांग्रेस में लौट आए हैं पूर्व मंत्री सरूरी, ताज और पूर्व विधायक मो. भट्ट
-उत्तरी कश्मीर, चिनाब घाटी और कुलगाम में कांग्रेस को मजबूती मिलने की संभावना
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश में विधानसभा चुनाव के समय बिखरे कुनबे को समेटने में कांग्रेस के प्रयास कामयाब होते नजर आ रहे हैं। बीते एक माह में तीन बड़े नेता पूर्व मंत्री जीएम जरूरी, ताज मोहिउद्दीन और पूर्व विधायक मोहम्मद अमीन भट्ट कांग्रेस के खेमे में लौट आए हैं। मौजूदा सियासी समीकरणों में पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद की डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के बिखरने का फायदा कांग्रेस को मिल रहा है। वापसी करने वाले वाले तीनों नेता आजाद की पार्टी के ही हैं।
कांग्रेस में वापसी का यह दौर ठीक उस समय शुरू हुआ है, जब आगामी दिनों में पार्टी को पंचायत व विधानसभा उपचुनाव में उतरना है। गुलाम नबी आजाद ने डीपीएपी की सभी ब्लॉक और जिला इकाइयों को भंग कर दिया था। आजाद के दिल्ली जाने के बाद प्रदेश में डीपीएपी में कोई दूसरा ऐसा बड़ा चेहरा नहीं बचा था जो यहां पार्टी को आगे बढ़ा पाता। ऐसे में कांग्रेस छोड़कर गए नेताओं का भविष्य अधर में था। जिन तीन बड़े चेहरों की कांग्रेस में वापसी हुई है वे अपने-अपने इलाकों में रसूख रखते हैं। इससे कांग्रेस को अब उत्तरी कश्मीर और चिनाब घाटी में पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलेगा। दरअसल, सरूरी चिनाब घाटी और ताज मोहिउद्दीन उत्तरी कश्मीर में सक्रिय हैं। इससे पहले कुलगाम की देवसर सीट से विधायक रहे मो. अमीन भट्ट कांग्रेस में वापसी कर चुके हैं। इनके आने के बाद एक बड़ा वोट बैंक कांग्रेस के खाते में आने की संभावना है।
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अपने बूते चुनाव लड़ने के सपने बुन रही कांग्रेस
कांग्रेस प्रदेश में अपने बूते सरकार बनाने के सपने बुन रही है। कांग्रेस के छह विधायक हैं। पार्टी को जम्मू संभाग से कश्मीर में ज्यादा समर्थन मिला है। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ गठबंधन में लड़ा था, लेकिन सरकार बनने के बाद कांग्रेस के खाते से फिलहाल एक भी मंत्री सरकार में नहीं है। अब कांग्रेस इन हालात में कार्यकर्ताओं को दोबारा सक्रिय कर आगामी चुनाव अपने बूते लड़ने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के समय तारिक हमीद कर्रा को प्रदेशाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन धरातल तक संगठन का विस्तार नहीं हो पाया। अब पार्टी जम्मू और कश्मीर दोनों संभाग में सक्रिय हो गई है।
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अकेले चुनाव लड़ने के लिए
तैयार होगी कांग्रेस : प्रभारी
कांग्रेस प्रदेश प्रभारी नासिर हुसैन ने नेताओं की घर वापसी कराने की बात कही है। उन्होंने पार्टी की कोर टीम को यह भी संदेश दिया है कि भविष्य में कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में अपने दम पर सरकार बनाए, इसके लिए प्रयास करने होंगे। कांग्रेस अब बिना किसी सहारे के अकेले चुनाव लड़ने के लिए खुद को तैयार करेगी। प्रदेशाध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा और मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा का कहना है कि पार्टी प्रदेश प्रभारी के दिखाए मार्ग पर आगे बढ़ेगी।
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