- पहलगाम आतंकी हमले के बाद घर चले गए थे श्रमिक, 50 दिन बाद लाैटे
- काम दो माह देरी से पूरा होने की संभावना, 31 मार्च, 2026 रखा है लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे का काम छोड़कर घर लौट गए इंजीनियर और मजदूर वापस आ गए हैं। एक्सप्रेस-वे का काम एक बार फिर तय गति से शुरू हो गया है। हालांकि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) एक्सप्रेस वे का निर्माण पूरा होने के अब दो महीने की देरी की संभावना जता रही है। 22 अप्रैल को पहलगाम हमला हुआ था। इसके बाद भारत-पाकिस्तान के बीच पनपे तनाव और ऑपरेशन सिंदूर के बाद से एक्सप्रेस-वे का काम करने वाली कंपनी समेत तमाम श्रमिक घर लौट गए थे।
करीब 50 दिन तक एक्सप्रेस-वे के काम में लगी सारी मशीनरी खड़ी रही। एनएचएआई ने 31 मार्च, 2026 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
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देरी हुई तो केंद्र सरकार को लिखेंगे पत्र : आरओ
एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी आरएस यादव ने बताया कि एक्सप्रेस-वे का काम दोबारा शुरू हो गया है। इंजीनियर, मजदूर और मशीनरी एक्टिव मोड पर हैं। युद्ध के हालात में हुई देरी की वजह से काम के तय समय पर पूरा होने की संभावनाएं कम हुई हैं। इसके बावजूद काम 24 घंटे चल रहा है। 31 मार्च के तय समय को आगे बढ़ाने की जरूरत पड़ती है तो इसके लिए एनएचएआई राष्ट्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को पत्र लिखकर इसकी जानकारी देगा।