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Jammu News: जम्मू-कश्मीर में एक हजार नई सड़कों पर होगा काम, बनाई जा रही डीपीआर

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सड़कों की एक हजार नई परियोजनाओं की बनाई जा रही डीपीआर
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। विधानसभा ने शनिवार को उद्योग समेत पांच विभागों के लिए सात हजार करोड़ रुपये की अनुदान राशि पारित की गई। इसमें सबसे अधिक अनुदान लोक निर्माण विभाग के लिए है। सदन में दिनभर चली चर्चा के बाद अनुदान ध्वनिमत से पारित किया गया। अनुदान मांगों पर उपमुख्यमंत्री एवं उद्योग मंत्री सुरिंदर चौधरी ने अपने प्रभार के अंतर्गत विभागों के कामकाज के बारे में कहा कि चर्चा के दौरान विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों को हल करने के लिए प्रयास तेज किए जाएंगे। खनन विभाग के लिए 70 करोड़, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के लिए 1086 करोड़, लोक निर्माण विभाग के लिए 5283 करोड़, श्रम एवं रोजगार विभाग के लिए 353 करोड़ और कौशल विकास विभाग के लिए 225 करोड़ रुपये की अनुदान राशि पारित की गई है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि विभाग न केवल निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रहा है बल्कि दक्षता और गुणवत्ता में सुधार के लिए आधुनिक सुधारों को भी लागू कर रहा है। ऑनलाइन प्रबंधन और भुगतान प्रणाली की शुरुआत ने वास्तविक समय की परियोजना निगरानी और सीधे ठेकेदार भुगतान को सक्षम किया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है। नवीनतम इंजीनियरिंग प्रथाओं को शामिल करने के लिए कई दशकों के बाद जेएंडके पीडब्ल्यूडी मैनुअल 2021 को अपडेट किया गया है। सड़क रखरखाव नीति 2021 समय पर रखरखाव सुनिश्चित करती है। सड़कों को जल्दी खराब होने से रोकती है। सख्त निगरानी के लिए दो-स्तरीय गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र शुरू किया गया है। सभी प्रमुख परियोजनाओं के लिए अब तीसरे पक्ष का निरीक्षण अनिवार्य है। मैकडैमाइजेशन और डिफेक्ट लायबिलिटी एनफोर्समेंट यह सुनिश्चित करता है कि ठेकेदार निर्माण के बाद एक विशिष्ट अवधि के लिए सड़कों के रखरखाव के लिए जवाबदेह हैं।
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मौजूदा वर्ष में चार हजार किलोमीटर सड़कें पक्की होंगी
सरकार 2025-26 में पीएमजीएसवाई ,सीआरआईएफ और नाबार्ड जैसी विभिन्न योजनाओं के तहत 4000 किलोमीटर सड़काें को पक्का करेगी। सड़कों पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि हमने 2140 चिन्हित गांवों में से 2132 को सफलतापूर्वक सड़कों से जोड़ा है। 17,585 किलोमीटर सड़कें बिछाई हैं। 10,939 करोड़ के निवेश से 210 पुल बनाए हैं। शेष कार्य 2025-26 तक पूरा हो जाएगा। पीएमजीएसवाई चरण एक और तीन के तहत हमने 1927 किलोमीटर सड़कों को अपग्रेड किया है। 9 पुलों का निर्माण किया है, जबकि शेष 505 किलोमीटर सड़कें और 64 पुल जल्द ही पूरे हो जाएंगे।2025-26 में एक हजार से अधिक नई परियोजनाओं के लिए अनुमोदन प्राप्त करने के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है।

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सरकार बना रही 46 नए औद्योगिक एस्टेट
उद्योगों के लिए अधिक जगह उपलब्ध कराने के लिए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 64 मौजूदा औद्योगिक एस्टेट के अलावा 46 नए औद्योगिक एस्टेट बना रही है। ये एस्टेट मार्च 2025 से बनकर तैयार हो जाएंगे। इससे जम्मू-कश्मीर में और अधिक व्यवसाय और नौकरियां आएंगी। उन्होंने कहा कि भविष्य के विकास के लिए 15,994 अतिरिक्त औद्योगिक भूखंडों के लिए भूमि की पहचान भी की गई है। 2023-24 में 3,389 करोड़ रुपये का निवेश हुआ जिससे 1,46,317 नौकरियां पैदा हुईं, जो पिछले साल से 57 फीसदी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि 2024-25 में 381 नई इकाइयों ने उत्पादन शुरू कर दिया है, जिससे 3,887 करोड़ रुपये का निवेश और 10,715 और नौकरियां जुड़ी हैं।


क्यूआर कोड आधारित प्रमाणीकरण
हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जिसमें 4.22 लाख कारीगर कार्यरत हैं, जो पश्मीना शॉल, कश्मीरी कालीन, बसोहली पेंटिंग, अखरोट की लकड़ी की नक्काशी और कढ़ाई की वस्तुएं जैसे विश्व प्रसिद्ध उत्पाद बनाते हैं। इन शिल्पों को संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए सरकार ने क्यूआर कोड आधारित प्रमाणीकरण शुरू किया है। जिससे खरीदार जम्मू-कश्मीर के हस्तशिल्प की प्रामाणिकता को सत्यापित कर सकते हैं। पश्मीना, कानी शॉल और सोज़नी कढ़ाई सहित दस हस्तशिल्पों को प्रतिष्ठित भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग प्राप्त हुआ है। आठ और शिल्प पाइपलाइन में हैं जबकि 2025-26 में ग्यारह नए शिल्प पंजीकृत किए जाने हैं।

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खनन रोकने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध खनन गतिविधियों से निपटने के लिए सरकार आधुनिक तकनीक को इस क्षेत्र में एकीकृत करके इन मुद्दों का समाधान कर रही है। अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और जिम्मेदार खनन को बढ़ावा देने के लिए ड्रोन निगरानी, जीपीएस ट्रैकिंग और वास्तविक समय डिजिटल पर्यवेक्षण सहित उन्नत निगरानी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। बहु-विभागीय जिला-स्तरीय टास्क फोर्स सेल की स्थापना की। अवैध रूप से निकाले गए खनिज की कीमत का दस गुना जुर्माना लगाया जाएगा। खनन क्षेत्र में और अधिक पारदर्शिता लाने के लिए ई-चालान प्रणाली शुरू की है। जिससे अवैध परिवहन के अवसर कम हो गए हैं। ई-मार्केट वेब पोर्टल शुरू किया गया है। जिससे उपभोक्ता सरकारी अधिसूचित दरों पर लघु खनिज खरीद सकते हैं, उचित मूल्य सुनिश्चित कर सकते हैं और कालाबाजारी गतिविधियों को खत्म कर सकते हैं।
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पांच वर्ष में 4.5 लाख नौकरियां पैदा करना लक्ष्य
सरकार ने मिशन युवा की योजना बनाई है। जिसका लक्ष्य पांच वर्षों में 1.37 लाख नए उद्यम बनाना और 4.5 लाख नौकरियां पैदा करना है। इसकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए तकनीक-सक्षम दृष्टिकोण का उपयोग करते हुए जम्मू-कश्मीर में 23.64 लाख परिवारों और 1.1 करोड़ व्यक्तियों को शामिल करते हुए एक विस्तृत सर्वेक्षण किया गया। इससे संभावित उद्यमियों की पहचान करने, कौशल अंतराल को समझने और बेहतर प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने में मदद मिलेगी। सुरिंदर चौधरी ने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष में 27,400 नए उद्यम लगाने की उम्मीद है, जिससे 85,000 नौकरियां पैदा होंगी।
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