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हम निराशावादी नहीं आशावादी, अपने वादों पर कायम रहेंगे : उमर

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- सभी लोगों को निशुल्क और 24 घंटे बिजली देना मुमकिन नहीं, गरीबों को प्राथमिकता, आम लोगों पर नहीं पड़ेगा अधिक बोझ
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- बजट बहस के बाद विधानसभा में मुख्यमंंत्री ने जवाब में सरकार की पहलों को गिनाया
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हमारे बजट को विपक्ष ने निराशावादी करार दिया, लेकिन हम आशावादी हैं और अपने वादों पर कायम रहेंगे। हमने कभी दावा नहीं किया कि हम पहले ही बजट में सबकी उम्मीदों और अपेक्षाओं को पूरा कर लेंगे। हमने बेहतर बुनियाद रखने की कोशिश की है। अगले पांच साल में अपने वादों पर काम करेंगे। हमने कोशिश की है कि लोगों पर अधिक बोझ न पड़े। हमने बजट में गरीबों को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री मंगलवार को विधानसभा में बजट बहस के बाद अपने जवाब में बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने माली वित्तीय हालत पर माना कि बजटीय प्रावधान न होने से हम सभी लोगों को निशुल्क और चौबीस घंटे बिजली नहीं दे सकते हैं। समाज कल्याण योजनाएं भी लोगों की पूर्ण जरूरतों के मुताबिक नहीं है। हमने बजट में हकीकत बताई है।
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जम्मू कश्मीर की जनता के लिए अगले पांच साल तक लिखता रहूंगा प्रेम पत्र : उमर
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बजट को लोगों के लिए प्रेम पत्र बताने वाली टिप्पणी पर विपक्ष में भाजपा के कटाक्ष पर हमला किया। कहा, उन्हें हर चीज का विरोध करना है, इसीलिए उनका नाम विपक्ष है। हमने विपक्ष में रहते हुए भी यही किया है। यह विधानसभा और संसद ऐसे ही चलती रहेगी। मैं अगले पांच सालों तक यह प्रेम पत्र लिखता रहूंगा।
उमर ने कहा कि यह प्रेम पत्र (बजट) सिर्फ भाजपा के लिए नहीं था। यह विपक्ष के साथ नेकां, कांग्रेस, पीडीपी और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के सभी मतदाताओं के लिए भी था। यह जम्मू-कश्मीर के सभी लोगों के लिए था। मुझे इस प्रेम पत्र को स्वीकार करने में कोई झिझक नहीं है। मैं जम्मू-कश्मीर में बहुत मोहब्बत करता हूं।
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मेरे भाषण के बाद भाजपाइयों की खूब खिंचाई हुई
उमर ने कहा कि उपराज्यपाल के अभिभाषण पर मेरे भाषण के बाद भाजपा सदस्यों की जम्मू से लेकर दिल्ली तक खिंचाई हुई थी। मुझे बताया गया था कि मुझे घेरने में विफल रहने पर उन्हें काफी कुछ सुनाया गया। विपक्ष में विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया के भाषण ने साबित कर दिया कि उन्हें सत्तापक्ष को घेरने में असफल रहने पर हाईकमान से काफी कुछ सुनना पड़ा। उन्होंने बहुत गुंजाइश छोड़ी थी कि मैं उनकी राह पर चला जाऊं, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया।
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भाजपाई क्रिकेट खेलने उतरे थे, मगर फुटबाॅल खेलते नजर आए
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार के बजट पर बहस में शुरुआत में बलवंत सिंह मनोटिया सुनील गावस्कर के अंदाज में पैड, ग्लब्स और हेलमेट पहनकर मैदान में उतरे, लेकिन वह अपने बजट भाषण की दिशा से हटकर उपराज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा करते नजर आए। ऐसा लगा कि वह मैदान पर क्रिकेट के बजाय फुटबाॅल खेल रहे थे। उनके 25 मिनट के भाषण में शायद पांच मिनट ही बजट पर बात हुई।
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देश कई नामों से जाना जाता है
उमर ने कहा कि इंडिया, भारत या हिंदुस्तान, इसे आप जिस नाम से चाहें, पुकारें। यह देश अपने तीन नामों से जाना जाता है। नागरिक इसे किसी भी नाम से पुकार सकते हैं जो उन्हें पसंद हो। उन्होंने आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबोले द्वारा की गई टिप्पणियों पर एक सवाल के जवाब में यह कहा। प्रधानमंत्री के विमान पर भारत और इंडिया दोनों लिखे होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, इसे भारतीय वायुसेना और भारतीय थल सेना कहा जाता है। लेकिन हम भारत के नजरिए से भी बोलते हैं। लोकप्रिय गीत सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा, का हवाला देते हुए उमर ने कहा हम भी यही कहते हैं, यह एक अलग नाम है। आप देश को जिस नाम से पुकारना चाहें, पुकार सकते हैं। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बयान से जुड़े एक अन्य सवाल पर उन्होंने कहा, मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता, क्योंकि मैंने इसे पढ़ा नहीं है।
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