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Jammu News: मीरवाइज के ससुर का निधन, सीएम ने जताया दुख

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जामिया मस्जिद में नमाए-ए जनाजा पढ़ने की अनुमति न देने का आरोप
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नेकां-पीडीपी ने की आलोचना
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक के ससुर गुलाम सिब्तैन मसूदी (80) का बुधवार रात को निधन हो गया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व सियासी दलों के अन्य नेताओं ने दुख जताया है।
मीरवाइज कार्यालय की ओर से वीरवार को जारी बयान में आरोप लगाया गया कि मसूदी के जनाजे की नमाज वीरवार दोपहर नौहट्टा स्थित जामिया मस्जिद में अदा की जानी थी, लेकिन इसकी इजाजत नहीं दी गई। आरोप है कि पुलिस ने जामिया मस्जिद का गेंद बंद कर दिया। दिवंगत मसूदी की पार्थिव देह को उनके पैतृक कब्रिस्तान पुलवामा जिले के खर्यू इलाके में सुपुर्द-ए खाक किया गया।
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उधर, सत्तापक्ष नेशनल कॉन्फ्रेंस और विपक्षी दल पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने मीरवाइज के ससुर की जनाजे की नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं देने के लिए पुलिस की आलोचना की। नेकां ने एक्स पर लिखा कि जामिया मस्जिद में डॉ. मसूदी के नमाज-ए-जनाजा को रोकने का फैसला बेहद खेदजनक और गलत है। ये वास्तव में इस तरह के कदम हैं, जो अधिकारियों को शांति व स्थिरता के अपने दावों पर भरोसा नहीं होने का खुलासा करते हैं। पुलिस अपने अदूरदर्शी दृष्टिकोण में यह समझने में विफल रही है कि ऐसे बुनियादी अधिकारों को प्रतिबंधित करने से लोगों का विश्वास और सद्भावना और कम होती है।
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पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि पुराने शहर में मसूदी की अंतिम यात्रा की नमाज पर रोक लगाना अधिकारियों की ओर से क्रूरता है। उन्होंने एक्स पर लिखा, यह समझ से परे है कि अधिकारियों ने जामिया मस्जिद में मीरवाइज के ससुर की नमाज-ए-जनाजा पर रोक लगा दी। लोगों ने सोचा था कि निर्वाचित सरकार के बाद कुछ राहत मिलेगी, लेकिन इसके बजाय वे अपनी चुप्पी के कारण दोषी हैं, जिससे केंद्र सरकार की दमनकारी नीति को बल मिला है।
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