- जम्मू-कश्मीर के बजट पर टिकीं उद्यमियों की निगाहें
- अगले दस साल के लिए विशेष पैकेज देने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। केंद्रीय बजट में जम्मू-कश्मीर के उद्योग के लिए कोई खास घोषणा न होने के बाद उद्यमियों की जम्मू-कश्मीर सरकार के बजट पर निगाहें टिकी हैं। उद्यमियों ने खासतौर पर कमजोर प्रोत्साहन के कारण वेंटिलेटर पर चल रही वर्तमान औद्योगिक इकाइयों की सांसें बढ़ाने के लिए अगले दस साल के लिए बजट में विशेष उद्योग पैकेज की मांग की है। इसमें विभिन्न माध्यमों से वर्तमान उद्योग को गति देने के लिए अगले दस साल के लिए प्रोत्साहन के प्रावधान सुझाए गए हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में उद्यमियों से बजट पूर्व परामर्श में उनकी बात सुनी है। इसमें विशेषतौर पर जम्मू-कश्मीर की वर्तमान औद्योगिक इकाइयों के विस्तार पर जोर दिया गया है। वर्ष 2021 में लाई गई केंद्रीकृत औद्योगिक नीति में वर्तमान इकाइयों के लिए प्रोत्साहन का खास प्रावधान न होने के कारण ये इकाइयां लगातार कमजोर हुई हैं।
फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रीज जम्मू के अध्यक्ष ललित महाजन का कहना है कि अगले दस साल के प्रोत्साहन प्रावधान लाकर वर्तमान इकाइयों को मजबूत बनाया जा सकता है। इन इकाइयों को वास्तविक टर्नओवर प्रोत्साहन समय पर दिया जाए। वर्ष 2017 में 1800 करोड़ रुपये की तुलना में यह घटकर अब 500 करोड़ रह गया है। नई औद्योगिक नीति में इकाइयों के विस्तार का प्रावधान है। इसमें 25 प्रतिशत तक फैक्टरी प्लांट और मशीनरी में विस्तार किया जा सकता है। लेकिन वित्त विभाग की ओर से कई उत्पादों पर विस्तार लागत पर जीएसटी नहीं दिया जा रहा, जिससे इकाइयों की लागत प्रभावित हो रही है। इससे वर्तमान इकाइयों पर वित्तीय दबाव बढ़ा है। इसी तरह ब्याज सबमिशन समय पर जारी किया जाए। चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू के अध्यक्ष अरुण गुप्ता का कहना है कि जम्मू-कश्मीर के खासकर वर्तमान उद्योगों के भविष्य को उज्ज्वल रखने के लिए प्रोत्साहन के क्षेत्र को बढ़ावा देना जरूरी है। हमने सरकार के समक्ष कई बिंदुओं के सुझाव दिए हैं। जिससे उद्योग के साथ कारोबार का विकास हो सके। लेकिन यह तभी होगा जब इन्हें जमीनी स्तर पर अमल में लाया जाएगा।
औद्योगिक नीति का पैकेज बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्र के पास
जम्मू-कश्मीर के लिए 28400 करोड़ रुपये की केंद्रीकृत औद्योगिक नीति के पैकेज का विस्तार करके 75 हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास है। उद्योग विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्रदेश प्रशासन की ओर से पैकेज विस्तार की पुरजोर मांग की गई है। इसमें आगामी दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किसी पैकेज की घोषणा की जा सकती है।