श्रीनगर। हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने कहा कि सांसद इंजीनियर राशिद की बिगड़ती तबीयत से चिंतित हूं। उन्हें अब अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। तिहाड़ जेल प्रशासन ने एनआईए की हिरासत में राजनीतिक बंदियों से फोन कॉल और ई-मुलाकात (वीडियो कॉल) की सुविधाएं भी वापस ले ली हैं। यह चिंताजनक है। मीरवाइज ने कहा कि जेलों में कई राजनीतिक बंदियों, विशेष रूप से बुजुर्गों की स्वास्थ्य स्थिति खराब है, जो न केवल उनके परिवारों, बल्कि समूचे जनसमूह के लिए चिंता का कारण है। उमर फारूक ने एक्स पर लिखा, फिर से भारत सरकार से अनुरोध करता हूं कि सभी राजनीतिक बंदियों को रिहा किया जाए। जम्मू-कश्मीर में चुनी हुई सरकार की यह जिम्मेदारी है कि वह अपने घोषणापत्र में किए वादों को पूरा करे। इन बंदियों की रिहाई और राहत के लिए काम करे। संवाद