मुख्यमंत्री ने दूसरे दिन बारामुला, उधमपुर, कुलगाम और रामबन के विधायकों व डीडीसी अध्यक्षों से बजट पूर्व किया परामर्श
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वीरवार दूसरे दिन भी हितधारकों के साथ बजट पूर्व परामर्श जारी रखा। उन्होंने कहा कि बजट में सभी विधानसभा क्षेत्रों के विकास और जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सीएम ने बारामुला, उधमपुर, कुलगाम और रामबन जिलों के विधायकों और जिला विकास परिषद (डीडीसी) के अध्यक्षों के साथ परामर्श बैठकों में विकास व अन्य बिंदुओं पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री के साथ चर्चा में प्रमुख रूप से स्वास्थ्य व बिजली आपूर्ति बुनियादी ढांचे, ग्रामीण विकास, जलापूर्ति, शिक्षा, खेल सुविधाएं, भर्ती, सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण, पशुपालन, शहरी विकास, वन मंजूरी, नशीली दवाओं के खतरे, पर्यटन को बढ़ावा देने, ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन, पार्किंग सुविधाओं और नई विकास परियोजनाओं से संबंधित मुद्दे शामिल रहे। उमर ने कहा कि विधानसभा बजट पारित कर सकती है, लेकिन इसे अलग-थलग करके नहीं बनाया जाना चाहिए। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि डीडीसी अध्यक्षों और विधायकों सहित जन प्रतिनिधियों के प्रस्तावों पर विचार किया जाए और उनकी जरूरतों को बजट में शामिल किया जाए। इस तरह के परामर्श से सरकार को बेहतर नीतियां बनाने में मदद मिलती है, जो जनता की चिंताओं को प्रभावी ढंग से संबोधित करती हैं। ये चर्चाएं न केवल हमें अल्पकालिक बजट नियोजन में मदद करेंगी, बल्कि दीर्घकालिक नीति निर्माण में योगदान देंगी। इस दौरान संबंधित जिलों के डीडीसी अध्यक्षों और विधायकों ने अपनी प्राथमिकता वाली मांगें प्रस्तुत कीं।
बैठक में व्यक्तिगत और वर्चुअल रूप से डीएच पोरा का प्रतिनिधित्व करने वालीं स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू, राफियाबाद विधानसभा क्षेत्र से जावेद अहमद डार और मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी शामिल हुए। इसके अलावा सीएम के अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरज गुप्ता, प्रमुख सचिव वित्त संतोष डी वैद्य, महानिदेशक बजट भी माैजूद रहे।
विधायकों ने स्कूलों के बुनियादी ढांचे का ऑडिट
वुलर झील संरक्षण सहित अन्य प्रस्ताव रखे
विधायकों ने अमृत 2.0 के तहत मुख्य शहरों में जलापूर्ति योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन की आवश्यकता को रेखांकित किया और कार्यों की निविदाओं में मुद्दों को सुलझाने पर जोर दिया। अन्य मुद्दों में बिजली के बुनियादी ढांचे का उन्नयन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अस्पतालों और पीएचसी को महत्वपूर्ण कर्मचारी उपलब्ध कराना, स्कूलों में भवन के बुनियादी ढांचे का भौतिक ऑडिट, वुलर झील संरक्षण, बाढ़ सुरक्षा कार्य, ग्रामीण क्षेत्रों में अग्निशमन सेवा स्टेशनों की स्थापना, जिला मुख्यालयों में भीड़भाड़ कम करना, पार्किंग की सुविधा और जिलों व उप जिलों में मिनी सचिवालय भवनों का निर्माण जैसे प्रस्ताव रखे गए।