- कहा, सरकार अपने घोषणापत्र में सभी वादों को पूरा करेगी
-जम्मू की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए दरबार मूव की बहाली जरूरी
- अधिकारी विभागों को जागीर न समझे, भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र कुमार चौधरी ने कहा कि पिछले एक दशक से प्रशासनिक तंत्र और जनता के बीच बनी दूरियों को कम किया जाएगा। हम विभागों से फीडबैक ले रहे हैं, जिसमें लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता पर हल करने के उचित प्रयास किए जाएंगे। अफसर विभागों को अपनी जागीर नहीं समझे और लोगों के लिए काम करने में गंभीरता दिखाएं। सरकारी योजनाओं को अधिक से अधिक लाभार्थियों तक पहुंचाएंगे।
नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार अपने घोषणापत्र में उल्लिखित सभी वादों को पूरा करेगी।
उपमुख्यमंत्री बनने के बाद शुक्रवार को शेर-ए-कश्मीर भवन जम्मू में पहुंचे चौधरी का जोरदार स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि हम उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा निर्धारित प्राथमिकताओं को बहाल करने और राज्य के विकास को पुनर्जीवित करने के लिए अथक प्रयास करेंगे। नेकां उनके मुद्दों को हल करने और राज्य के लिए एक समृद्ध भविष्य बनाने के लिए दिन-रात काम करेगी। उमर सरकार लोगों की बात सुनने, उनकी चिंताओं को समझने और प्रभावी समाधान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जम्मू और कश्मीर के क्षेत्रों को जोड़ने वाली द्विवार्षिक परंपरा दरबार मूव को फिर से शुरू करने के महत्व पर जोर दिया। कहा कि यह जम्मू की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए आवश्यक है। दरबार मूव को फिर से शुरू करने से न केवल प्रशासनिक दक्षता सुनिश्चित होगी बल्कि स्थानीय व्यवसायों और उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। जम्मू के लोग यह न समझे कि उन्होंने नेकां को वोट नहीं दिया है, हम कश्मीर के साथ जम्मू के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए खड़े रहेंगे। इसलिए मुझे नेकां ने उपमुख्यमंत्री बनाकर विश्वास जताया है। मैंने विभागों की बैठकें की हैं, जिसमें खासतौर पर श्रम विभाग में कई ऐसी कल्याणकारी योजनाएं हैं, जिनका श्रमिक और उनके परिसर के सदस्य लाभ पा सकते हैं। लेकिन इसके लिए श्रमिकों को खुद को पंजीकृत करवाना जरूरी है। उद्योग विभाग की योजनाओं में नौजवानों के लिए कई अवसर हैं। सभी वर्ग के लोगों का ख्याल रखा जाएगा। इस दौरान नेकां के अतिरिक्त महासचिव एवं पूर्व मंत्री अजय सडोत्रा, नेकां के प्रांतीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता, बाबू राम पॉल, बिमला लूथरा, अयूब मलिक, प्रदीप बाली आदि मौजूद रहे।