विधायक एमवाई तारिगामी ने कहा - सरकार कश्मीरी पंडितों की वापसी और पुनर्वास अपने एजेंडे में रखे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कश्मीरी पंडितों की घर वापसी को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार प्रयासरत है। सरकार इस दिशा में केंद्र के सहयोग से प्रयास कर रही है। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने मंगलवार को विधानसभा में ये बातें कहीं। पीएम पैकेज के तहत 6,000 पदों में से अब तक 5,868 को नौकरी दी गई हैं।
विधायक एमवाई तारिगामी के प्रश्न और उसके बाद विभिन्न सदस्यों के पूरक सवालों का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 1990 में घाटी से पलायन करने वाले कश्मीरी पंडितों के लिए हर किसी के दिल में दर्द है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2009 में कश्मीरी विस्थापितों के कश्मीर घाटी में पुनर्वास के लिए 1618.40 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की थी। दिसंबर, 2015 में कश्मीर के विभिन्न जिलों में 6000 ट्रांजिट आवासों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। 3120 फ्लैट इस साल जनवरी तक पूरे हो चुके हैं। बचे 2040 फ्लैट अभी निर्माणाधीन हैं। राहत राशि में वृद्धि का मामला भारत सरकार के समक्ष उठाया है। तारिगामी ने कहा सरकार कश्मीरी पंडितों की वापसी और पुनर्वास को अपने एजेंडे में रखे। भाजपा विधायक नरेंद्र रैना ने कश्मीरी सिखों को भी विस्थापित की तरह सुविधा देने की मांग की। बलवंत सिंह मनकोटिया ने तलवाड़ा के विस्थापितों के लिए काम करने के लिए कहा। नेकां विधायक शौकत हुसैन गनई ने कहा कि 2023-24 में एक आतंकी हमले के बाद जैनापोरा निर्वाचन क्षेत्र से एक कश्मीरी पंडित परिवार ने पलायन किया। जम्मू में उन्हें आवास मिला, लेकिन अन्य कश्मीरी विस्थापितों वाले लाभ से वंचित रखा गया है।