अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाली, लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत जल्द विधानसभा चुनाव करवाने सहित अन्य ज्वलंत मुद्दों को लेकर विपक्ष लामबंद हो गया है। जम्मू में पीएजीडी की बैठक के बाद वीरवार को नई दिल्ली में डॉ. फारूक अब्दुल्ला की अध्यक्षता में राष्ट्रीय नेताओं से मंथन किया जाएगा। साथ ही उनके इस समर्थन में समर्थन लेने का प्रयास किया जाएगा। इस बैठक में पीडीपी, पैंथर्स पार्टी और शिवसेना बाला साहेब ठाकरे आदि राजनीतिक दलों के नेता भी हिस्सा लेंगे।
जानकारी के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद, नेकां और पीएजीडी अध्यक्ष डाॅ. फारूक अब्दुल्ला ने वीरवार को दोपहर के समय दिल्ली में विपक्ष के राष्ट्रीय नेताओं की बैठक बुलाई है। इसमें जम्मू-कश्मीर के मुद्दों को उजागर कर राष्ट्रीय नेताओं से समर्थन हासिल करने के प्रयास करने के साथ ही रणनीति बनाई जाएगी। बैठक में शामिल होने के लिए प्रदेश के कई प्रमुख नेता बुधवार को दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे। शिवसेना बाला साहेब ठाकरे के प्रदेश प्रमुख मुनीश साहनी ने बताया कि वह बैठक में शामिल होंगे। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय नेताओं के सामने जम्मू-कश्मीर की असलियत को रखना है। नई दिल्ली के रती मार्ग स्थित संविधान हाल में दोपहर एक बजे बैठक के लिए राष्ट्रीय नेताओं को आमंत्रित किया गया है। जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल न होने के कारण प्रदेशवासी स्वयं को ठगा महसूस कर रहे हैं। स्थानीय ज्वलंत मुद्दों पर भाजपा सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। आम लोगों की सुनवाई करने के बजाय उन पर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है। अब समय आ गया है कि ऐसे मुद्दों के समाधान के लिए राष्ट्रीय नेताओं को साथ लेकर चला जाए। हम सभी जम्मू-कश्मीर की आवाज दिल्ली में उठाएंगे। उनके अनुसार दिल्ली में एक संयुक्त प्रदर्शन भी प्रस्तावित है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विकार रसूल वानी ने कहा कि राष्ट्रीय नेताओं के समक्ष जम्मू-कश्मीर के मुद्दों को रखेंगे। भाजपा सरकार जन विरोधी नीतियों के तहत काम कर रही है। मुख्य मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है। विपक्ष को दबाने के साथ कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जम्मू-कश्मीर में आए दिन नए कर लगाए जा रहे हैं। राष्ट्रीय नेताओं के सामने प्रमुख मुद्दों के समाधान पर चर्चा के साथ रणनीति बनाई जाएगी। प्रदेश के हितों को सुरक्षित रखने के लिए पूरा विपक्ष एकजुट है।
पैंथर्स पार्टी के नेता हर्षदेव ने कहा कि राष्ट्रीय नेताओं के साथ बैठक में जम्मू-कश्मीर के मुद्दों को जोरशोर से उठाया जाएगा। दावे करने के बावजूद अब तक प्रदेश को राज्य का दर्जा वापस नहीं दिया गया है। हमें दिल्ली का कानून नहीं, बल्कि लोकतांत्रित सरकार चाहिए। बेरोजगार युवाओं पर लाठियां भांझी जा रही हैं। गरीबों से जमीनें खाली करवाई जा रही हैं। सरकार लोगों को दबाने का काम कर रही है। बैठक में पीडीपी से महासचिव अमरीक सिंह रीन सहित अन्य दलों के नेता शामिल हो रहे हैं।