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जम्मू-कश्मीर: अनंतनाग में उमर बोले- चुनाव हमारा हक, इसके लिए भीख नहीं मांगेंगे

Wed, 11 Jan 2023 09:00 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

पूर्व सीएम उमर ने कहा कि वीडीजी सदस्यों को बंदूकें देना अब सरकार की मजबूरी है। इससे जाहिर होता है कि प्रदेश के हालात पर सरकार का नियंत्रण नहीं है।
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उमर अब्दुल्ला
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विस्तार
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अनंतनाग में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि चुनाव लोगों का अधिकार है। लेकिन इसके लिए वह केंद्र के सामने भीख नहीं मांगेंगे। अगर इस साल चुनाव नहीं होते हैं तो न हों। साथ ही उन्होंने कहा कि वीडीजी सदस्यों को बंदूकें देना अब सरकार की मजबूरी है और इससे जाहिर होता है कि प्रदेश के हालात पर सरकार का नियंत्रण नहीं है।

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वह अनंतनाग जिले में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। संपत्तियों और प्रदेश की जमीनों से लोगों को बेदखल किए जाने के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री उमर ने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव नहीं होने के जो कारण हैं उनमें एक यह भी है। इसी लिए वे चुनाव नहीं करा रहे हैं।

राजोरी हमले के बाद विलेज डिफेंस ग्रुप (वीडीजी) के सदस्यों को हथियार देने के सरकार के फैसले के बारे में उमर ने कहा, इससे साफ पता चलता है कि 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त करते समय देश से किए उनके दावे खोखले हैं।
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तब केंद्र सरकार ने कहा था कि 370 हटने के बाद प्रदेश में बंदूकों की संस्कृति नहीं होगी, जबकि जमीन पर ऐसा नहीं है। राजोरी हमला इस बात की ओर इशारा करता है कि स्थिति नियंत्रण में नहीं है। सरकार अब यह कदम उठाने के लिए मजबूर है।

1987 के चुनाव में नेकां की धांधली के बाद कश्मीर में बंदूक लाई गई : अल्ताफ

नेकां के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला अनुच्छेद 370 निरस्त करने की टिप्पणी पर जम्मू-कश्मीर भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि 1987 में नेकां द्वारा की गई धांधली के बाद बंदूक का जन्म हुआ। इससे घाटी में बंदूकें लाने वाले मोहम्मद यूसुफ उर्फ सैयद सलाहुद्दीन और यासीन मलिक जैसे आतंकी बुलाए गए।

ठाकुर ने कहा, नेकां की ओर से की गई हेराफेरी के कारण ही कश्मीरी युवकों ने बंदूक उठाई, जिससे बेकसूर नागरिक मारे गए। अनुच्छेद 370 हटने के बाद आतंकवाद की घटनाएं कम हुई हैं और बंदूक का साया भी काफी हद तक कम हुआ है।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने अनुच्छेद 370 हटने के बाद राहत की सांस ली और शांति का लाभ उठाया। जो लोग कश्मीर में बंदूकें थमाने के लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें आतंकवाद से संबंधित घटनाओं और मारे गए आतंकवादियों के आंकड़ों को पढ़ना चाहिए।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जहां तक राजोरी के ढांगरी की घटना की बात है तो उपस्थिति दर्ज कराने के लिए हताशा में ऐसी हरकतें की जाती हैं। उमर को यह महसूस करना चाहिए कि ‘अपनी रक्षा आप करो’ के नारे के तहत लोग वीडीजी सदस्य बनने, प्रशिक्षण प्राप्त करने और अपने क्षेत्रों की रक्षा करने के लिए तैयार हैं।

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