जम्मू। पूर्व संभागीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा के अलावा अन्य कई नेताओं के पार्टी छोड़ने के बाद संभागीय स्तर पर नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) में बिखराव जारी है। संभागीय अध्यक्ष पद के लिए 14 अक्तूबर तक दावेदारी पेश करने के लिए कहा गया है, लेकिन मंगलवार तक कोई भी सामने नहीं आया है। हालांकि पुराने चेहरे इसके लिए तैयारी कर रहे हैं। अगर अध्यक्ष पद के लिए एक दावेदारी पेश की जाती है, तो उसके निर्विरोध चुने जाने की संभावना होगी। साथ ही जिला प्रधानों और ब्लॉक अध्यक्षों से भी अध्यक्ष के लिए राय ली जा सकती है। 16 अक्तूबर के बाद तस्वीर साफ होने की संभावना है।
जम्मू संभाग में संभागीय अध्यक्ष के लिए पुराने चेहरों की बात करें तो पूर्व मंत्री अजय कुमार सडोत्रा, मौजूदा अंतरिम अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता, जावेद राणा आदि शामिल हैं। अध्यक्ष पद के चुनाव तक रतन लाल गुप्ता को ही अध्यक्ष की अस्थायी जिम्मेदारी दी गई है। गुप्ता का कहना है कि सभी से अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी पेश करने को कहा गया है और आगामी दो दिन में कई लोग इसके लिए सामने आ सकते हैं। अधिक नामों की दावेदारी आने पर शेर-ए-कश्मीर भवन जम्मू में चुनाव करवाए जाएंगे। देवेंद्र राणा और सुरजीत सिंह सलाथिया के जम्मू लौटने पर संबंधित जिलों से कई नेता और कार्यकर्ता भाजपा में शामिल होने की तैयारी में हैं। वहीं, पीडीपी के भी कई नेता भाजपा के संपर्क में हैं। इस सियासी उठापटक में कांग्रेस फिलहाल मोदी सरकार की नीतियों को लेकर अपना विरोध करती नजर आ रही है।
नेकां में तीसरे दिन भी इस्तीफों का दौर
नेकां में मंगलवार तीसरे दिन भी इस्तीफों का दौर जारी रहा। सांबा जिला प्रधान सहित अन्य कई नेताओं ने पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह सलाथिया के समर्थन में नेकां की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। सलाथिया बीते रोज पूर्व संभागीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा के साथ भाजपा में शामिल हुए हैं। सांबा जिला से इस्तीफा देने वालों में जिला प्रधान मोहेंद्र गुप्ता, बाड़ी ब्राह्मणा से ब्लॉक प्रधान भगवान सिंह, रामगढ़ के ब्लॉक प्रधान प्रेमपाल चौधरी, ब्लॉक प्रधान विजयपुर मोहन सिंह, बीडीसी चेयरमैन रामगढ़ दर्शन सिंह, बीडीसी चेयरमैन विजयपुर जोगेश्वर सिंह, पूर्व चेयरमैन एमसी बाड़ी ब्राह्मणा रमण गुप्ता, युवा प्रधान एनसी ब्लॉक रामगढ़ हरविंदर सिंह सहित अन्य जिला व ब्लॉक कमेटी के सदस्य शामिल हैं। बीते दो दिन में जिला जम्मू और सांबा से कई जिला और ब्लॉक स्तर के प्रधान इस्तीफे दे चुके हैं, जिससे इन पदों पर दोबारा चुनाव करवाए जाने हैं।