जम्मू। प्रदेश में पश्चिमी पाकिस्तानी रिफ्यूजियों, जाटों के साथ 15 बिरादरियों को जम्मू-कश्मीर सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिश के तहत शिक्षा और रोजगार में आरक्षण दिया गया है। इस खुशी के मौके पर जाट बिरादरी ने रविवार को प्रेस क्लब जम्मू के बाहर ढोल की थाप पर नाचते-गाते जश्न मनाया।
जाट बिरादरी से राजेंद्र सिंह और अन्य लोगों ने बताया कि इस लंबित मांग को अब जाकर पूरा किया गया है। जाट समुदाय से लोग बॉर्डर इलाकों में रहते हैं। अब वे लोग बच्चों को पढ़ाने और नौकरी के लिए आरक्षण का लाभ उठा सकते हैं। इस संबंध में नौ अक्तूबर को भी सम्मेलन हुआ था। इसमें भी आरक्षण देने की मांग उठाई गई थी। सम्मेलन में बड़ी संख्या में बिरादरी की महिलाओं ने भाग लिया था। इस जीत का श्रेय लोगों ने मनमोहन सिंह चौधरी को दिया है, जिनके प्रयासों से आरक्षण मिल पाया है। इसमें 15 बिरादरियों के लोगों को शामिल किया गया है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार हुआ है। इससे पहले सरकारें मांग को अनसुना करती रहीं। बिरादरी के लोगों ने कहा कि भाजपा सरकार ने उनको हक दिया है। मोदी सरकार जनहित में फैसले ले रही है।