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हर जख्म बयां कर रहा पुलिस की करतूत

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पिटाई के बाद विकास और उसके परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उसे इलाज तक के लिए मोहताज होना पड़ा है। घटना के बाद परिवार ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती करवाया।
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बाद में उसे लेकर नेशनल हाइवे पर पहुंचे और आवागमन बंद कर दिया। उसके चेहरे पर जख्मों के निशान पुलिस की करतूत साफ बयां कर रहे थे। विकास के चाचा, ताया, ससुराल पक्ष के लोग उसके साथ थे।

इसके बावजूद विकास को इलाज के लिए दरबदर होना पड़ रहा है। बाड़ी ब्राह्मणा पुलिस विकास को जिप्सी में बैठकर जीएमसी अस्पताल बख्शीनगर लाई। यहां टालमटोल करते हुए पुलिस सुविधाओं की कमी बताकर वापस ले गई।
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मां ने कहा, इंसाफ होने तक लड़ूंगी

इसके बाद बाड़ी ब्राह्मणा में एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहां भी एक्स-रे मशीन दुरुस्त नहीं थी। कुछ समय रखने के बाद वहां से विजयपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां एक्स-रे मशीन में फिल्म नहीं होने पर करीब दो घंटे बाद वापस निजी अस्पताल में भेजा गया।

इसके बाद हाथ की अंगुली का एक्स-रे किया गया। इस तरह विकास इलाज के लिए दरबर होता रहा। वहीं बताया जाता है कि विकास की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है।

विकास की मां सुमित्रा देवी और पिता यशपाल को जहां बेटे की बेरहमी से हुई पिटाई से दुख पहुंचा है। मां ने साफ कहा कि जब तक उनके बेटे के साथ इंसाफ नहीं होगा, वह दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगी।

न कोई शिकायत, न एफआईआर फिर भी टूटा कहर

पिटाई की सूचना मिलने पर रिश्तेदार भी पीड़ित युवक के घर पहुंचे। युवक की कुछ समय पहले दयारण निवासी सोना देवी के साथ शादी हुई थी।

वह रेहड़ी पर काम करके परिवार का गुजारा कर रहा था। विकास की सास मां सुमित्रा देवी, सास शानो देवी, पत्नी और भाई सहित चाचा ताया भी पहुंच गए। उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई पर रोष जताया।

पुलिस की पिटाई से विकास को अंदरूनी चोटें लगी हैं। बड़ी बात यह सामने आई है कि विकास के खिलाफ न तो कोई शिकायत है न ही पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज की है। यही नहीं, उसके खिलाफ पुलिस में भी पहले का कोई रिकार्ड नहीं है।
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पिटाई पर लोगों में जबरदस्त गुस्सा

बाड़ी ब्राह्मणा कसबे के बाजार में रेहड़ी लगा कर परिवार चलाने वाले युवक विकास उर्फ काका की पुलिस द्वारा बेरहमी से पिटाई से लोगों में पुलिस के खिलाफ काफी रोष है। लोगों का कहना है कि पुलिस ने जिस बर्बरता से युवक की पिटाई की है उससे अब पुलिस के ऊपर से विश्वास उठ गया है।

लोगों के अनुसार विकास पिछले दस साल से बाजार में रेहड़ी लगा रहा है। पुलिस ने जिस तरह से उसे बाजार से घसीटते हुए गाड़ी में डाला, ऐसा व्यवहार किसी अपराधी के साथ किया जाता है।

जिस तरह उसकी पिटाई की र्गइ, उसे देखकर लगता है कई दिनों तक वह काम करना तो दूर अपने पैरों पर खड़ा भी नहीं हो  सकता। लोगों का कहना है कि अब तो कोई शरीफ थाने जाने से भी डरेगा।

लोगों ने प्रशासन के आला अधिकारियों से मांग की है कि घटना में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों का पुलिस पर भरोसा बना रहे।
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