दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के अखल इलाके के घने जंगलों में चल रही मुठभेड़ के दौरान दिल का दौरा पड़ने से पीड़ित एक नागरिक को बचाने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मानवता और त्वरित कार्रवाई का एक उत्साहजनक प्रदर्शन किया और स्थानीय लोगों की व्यापक सराहना प्राप्त की। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना खुलशान अखल क्षेत्र में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ के दौरान हुई। मोहम्मद यूसुफ मीर नामक एक स्थानीय निवासी अचानक बेहोश हो गया और उसे दिल का दौरा पड़ा। आतंकवाद विरोधी अभियान में शामिल पुलिस दल ने बिना किसी हिचकिचाहट के तुरंत मदद प्रदान की। अपने वाहन से उन्होंने बीमार व्यक्ति को पास के अस्पताल पहुंचाया जिससे उसकी जान बच गई।
बता दें कि क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने पुलिस की त्वरित और सहानुभूतिपूर्ण प्रतिक्रिया के लिए गहरा आभार व्यक्त किया और कहा कि पुलिस बल ने इस महत्वपूर्ण क्षण में निस्वार्थ भाव से काम किया। एक स्थानीय निवासी ने कहा, उन्होंने एम्बुलेंस या किसी औपचारिकता का इंतज़ार नहीं किया। जोखिम के बावजूद उन्होंने तुरंत कार्रवाई की और एक अनमोल जान बचाई। यह लोगों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पुलिस का यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ऑपरेशन जारी है। फिर भी आतंकवाद विरोधी अभियानों की भारी जिम्मेदारियों के बीच पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया। बता दें कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के इस दयालुतापूर्ण कार्य ने न केवल जनता के विश्वास को मजबूत किया है बल्कि कर्तव्य से परे जन कल्याण के प्रति पुलिस बल के समर्पण को भी रेखांकित किया है।
गौरतलब है कि क्षेत्र में सुरक्षाबलों का आतंकवादी विरोधी अभियान पांचवें दिन भी जारी रहा। सुरक्षाबलों ने लगातार क्षेत्र में मुठभेड़ में शामिल आतंकवादियों पर शिकंजा कसा हुआ है। एक अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ पांचवें दिन भी जारी रही और रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल आतंकवादियों का पता लगाने के लिए ड्रोन, क्वाड कॉप्टर, हेली कॉप्टर सहित अन्य आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद, दक्षिण कश्मीर जिले के अखल वन क्षेत्र में सुरक्षाबलों द्वारा घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू करने के बाद शुक्रवार को शुरू हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए जिनमें से केवल एक की ही शिनाख्त पुलवामा के हारिस नज़ीर के तौर पर हो पाई है जोकि 2023 से लश्कर-ए-तैयबा में सक्रीय था। इस मुठभेड़ के दौरान चार सेना के जवान भी घायल बताए जा रहे हैं।
बता दें कि इस ऑपरेशन को सेना की स्पेशल पैरा फोर्स, 9 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी), कुलगाम पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों द्वारा अंजाम दिया जा रहा है। क्षेत्र एक घना जंगल होने के कारण ऑपरेशन में समय लग रहा है। सूत्रों की मानें तो जंगल में कई प्राकृतिक गुफाएं भी हैं जिसमें आतंकवादी ठिकाना होने की संभावना भी जताई जा रही है।