उत्तरी कश्मीर के बारामुल्ला जि़ले के सोपोर के तुजार शरीफ इलाके में जि़यारत के पास मंगलवार को आतंकियों द्वारा हमला किया गया। इस हमले में एक पुलिसकर्मी शहीद हो गया जबकि एक अन्य स्थानीय की भी मौत हो गई जो विकलांग था।
मिली जानकारी के अनुसार तुजार शरीफ इलाके में शेख बाबा अली (आरए) की जि़यारत के बाहर एक मोटरसाइकिल रुकी जिस पर 2 लोग सवार थे। उन्होने वहां जि़यारत की सुरक्षा में तैनात पुलिस गार्ड पर नज़दीक से 2 से 3 गोलियां चलाई जिसके बाद इलाके में अफरा तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार जिस समय यह हमला हुआ उस समय जि़यारत की सुरक्षा के लिए तैनात आईआरपी की 13 बटालियन के जवान अपने क्वार्टर में दोपहर का खाना खा रहे थे और केवल एक ही कांस्टेबल गार्ड ड्यूटी पर था जिसे पेट में गोली लगी। इसके इलावा एक अन्य स्थानीय जो विकलांग था और जि़यारत के परिसर में अपनी व्हील चेयर पर था उसे भी एक गोली लगी।
इलाके की घेराबंदी कर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू
घटना स्थल पर मौजूद पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार विकलांग व्यक्ति इसी इलाके का रहने वाला था और अक्सर जि़यारत आता रहता था। वहीँ उन्होने यह भी बताया कि जिस तरह से गोली चलाई गई है उससे लगता है आतंकियों ने नज़दीक से इन्हे निशाना बनाया है।
घटना के तुरंत बाद सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के आला अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे और इलाके की घेराबंदी कर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया। इस घटना को लेकर नार्थ रेंज के जम्मू कश्मीर पुलिस के डीआईजी गरीब दास ने बताया कि तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
उन्होने बताया कि कांस्टेबल फ़ैयाज़ अहमद भट ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया जबकि स्थानीय नागरिक अब्दुल रहीम लोन की मौत अस्पताल में हुई।
आतंकी कांस्टेबल की सर्विस राइफल लेकर फरार हो गए
दास ने कहा कि उनकी ओर से जि़यारत की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमले किसने किया और जि़यारत के बाहर गार्ड को ही क्यों निशाना बनाया गया। उन्होने इसकी पुष्टि की कि हमला करने वालों की संख्या दो थी और भागते समय आतंकी कांस्टेबल की सर्विस राइफल लेकर फरार हो गए।
गौरतलब है कि हमले में शहीद कांस्टेबल फ़ैयाज़ सोपोर के वाडूरा इलाके का रहने वाला था। उसके परिवार में उसके पीछे अब उसकी माँ, छोटा भाई, बीवी और 4 छोटे-छोटे बच्चे बच गए हैं।
फ़ैयाज़ के जिनाज़े में सैंकड़ों लोगों ने भाग लिया। उसके एक रिश्तेदार ने बताया कि वह वर्ष 2013 से जि़यारत की सुरक्षा गार्ड में तैनात था। उसने यह भी बताया कि 22 अगस्त को उसकी माता को हज के लिए रवाना होने था पता नहीं अब वो जाएगी या नहीं।