सीआरपीएफ की 187 बटालियन में तीन सीआरपीएफ जवानों की हत्या के मामले में पुलिस को अब घायल जवान के होश में आने का इंतजार है। शनिवार को पुलिस की टीम ने बटालियन के अंदर जाकर घटनास्थल पर करीब चार घंटे तक जांच की। पुलिस को जांच में पता चला है कि हत्या करने के आरोपी जवान ने इंसास राइफल से कुल 18 गोलियां चलाई थी।
गौरतलब है कि बुधवार देर रात को अजीत सिंह निवासी गांव सिंगार सिपोर पुलिस स्टेशन मूसानगर कानपुर ने अपनी इंसास राइफल से जोगिंदर कुमार, पोखर मल और उमेद सिंह नाम के जवान की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद अजीत सिंह ने खुद को भी गोली मार कर आत्महत्या का प्रयास किया था। आरोपी जवान को जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद मिलिट्री अस्पताल रेफर कर दिया था।
घायल जवान की हालत में अब सुधार है। जवान को आईसीयू से बाहर निकाल दिया है, लेकिन अभी बयान देने की हालत में नहीं है। उसकी हालत खतरे से बाहर है। शनिवार को पुलिस की टीम जांच के लिए दोपहर करीब तीन बजे बटालियन में पहुंची। टीम ने देखा कि किस स्थान पर जवान ने पहले जवान को गोली मारी।
एक को गोली मारने के बाद जवान दूसरे को गोली मारने के लिए कहां गया। टीम ने पूरे घटनास्थल की अच्छी तरह से जांच की है। करीब चार घंटे तक पुलिस की टीम बटालियन के अंदर जांच करती रही। पुलिस को जांच में पता चला है कि हत्या करने के आरोपी जवान ने अपनी इंसास राइफल से कुल 18 गोलियां चलाई थीं। इन 18 गोलियों में तीन या चार गोलियां खुद को मारी हैं।