रायपुर सतवारी में आग की चपेट में आने से झुलसी महिला की वीरवार को मौत हो गई। वहीं सतवारी पुलिस द्वारा बिना पोस्टमार्टम करवाए शव को परिवार के हवाले करने की बात सामने आई है।
पुलिस ने ऐसा क्यों किया। यह खबर लिखे जाने तक साफ नहीं हो पाया था, जबकि महिला के शव को पोस्टमार्टम करवाने के लिए ही लाया गया था। इसके लिए बाकायदा जीएमसी के शवगृह में इसका एमएलसी भी बना है।
जानकारी के मुताबिक रायपुर सतवारी में दो माह पहले रानी देवी घर में काम कर रही थी कि अचानक वह आग की चपेट में आ गई। तब उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। मामला पुलिस के पास भी पहुंचा। तब आग लगने की घटना को प्राथमिक दृष्टि से संदिग्ध तौर पर देखा जा रहा था। पुलिस ने महिला के बयान भी दर्ज किए थे।
दो माह के बाद वीरवार को रानी देवी की अचानक हालत खराब हुई और उसने दम तोड़ दिया। पुलिस को सूचना मिली तो महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए जीएमसी के शवगृह में लाया गया। इस मामले में सतवारी थाने के एसएचओ कुलबीर सिंह चौधरी ने बताया कि जांच पड़ताल में मामला दो पहले का निकला।
महिला के बयान से सामने आया था कि आग अचानक लगी थी, जिस कारण वह झुलस गई थी। ऐसे में पुलिस की आशंका खत्म हो गई और पोस्टमार्टम करवाने की जरूरत नहीं रही। परिवार वालों की सहमति के बाद ही शव को बिना पोस्टमार्टम करवाए सौंपा गया है।