राह चलते लोगों को टक्कर मार कर चले जाने वाले अज्ञात वाहनों पर शिकंजा कसने जा रहा है। पुलिस अपने पास सभी वाहनों का डाटा बैंक रखेगी, ताकि जरूरत पड़ने पर वाहन की तलाश कर आरोपी को पकड़ा जा सके।
परिवहन विभाग, पुलिस और यातायात पुलिस मिलकर इस पर काम करेंगे। शहर में सीसीटीवी लगाने, वाहनों का रिकार्ड ऑनलाइन करने जैसे कई विकल्प इसके लिए तैयार किए जा रहे हैं।
डीआईजी, शकील बेग ने बताया कि तीनों विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। मौजूदा समय में वाहनों का पंजीकरण होता है, लेकिन कोई जानकारी लेना चाहे तो उसे आरटीओ में संपर्क करना पड़ता है।
अब ऐसा सिस्टम तैयार किया है, जिससे विभाग की वेबसाइट पर नंबर डालकर जानकारी ली जा सके। पुलिस परिवहन विभाग से सभी वाहनों की डिटेल लेकर अपने पास रख लेगी, ताकि जरूरत पड़ने पर खुद ही नंबर की जांच कर ली जाए।
अधिकतर मामलों में देखा गया है कि अज्ञात वाहन टक्कर मार कर चले जाते हैं और उनकी पहचान नहीं हो पाती। जब पुलिस को नंबर पता चल भी जाता है तो आरटीओ से संपर्क कर वाहन की जानकारी ली जाती है। इसमें काफी समय लग जाता है।
कई लोग तो पकड़े ही नहीं जाते, लेकिन जब पुलिस के पास सभी वाहनों की डिटेल होगी तो अज्ञात वाहन का नंबर पता चलने पर वह तेजी से कार्रवाई कर सकेगी।
बेग ने यह भी बताया कि अज्ञात वाहनों पर नजर रखने के लिए मुख्य जगहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं, ताकि वाहनों की पहचान की जा सके।
पिछले कुछ महीनों से ऐसे मामले बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना को पूरी तरह से अमल में लाने को वक्त लगेगा, लेकिन काम शुरू कर दिया गया है।