राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामबन से बनिहाल के बीच आई सभी पस्सियों को बुधवार को साफ कर लिया गया। यहां हाईवे पर एक दर्जन से अधिक जगहों पर पस्सियों के साथ मलबा आ गया था। इसे ग्रेफ की मशीनरी ने कड़ी मशक्कत के बाद हटा लिया। इसके बाद रामबन जिले में फंसे वाहनों शाम 5.30 बजे से घाटी की ओर रवाना कर दिया गया।
पिछले तीन दिनों में हुई भारी बारिश ने हाईवे पर हालात बेहद खराब कर दिए थे। अकेले रामबन और बनिहाल के बीच ही दर्जन भर से अधिक स्थानों पर भारी पस्सियां आ गई थीं। पस्सियों के साथ बड़े-बड़े पत्थर भी गिर आए थे।
अधिकारियों की मौजूदगी ग्रेफ के कर्मचारी दिन रात एक करके पस्सियों को हटाने में लगे रहे। इसका नतीजा यह हुआ कि बुधवार की शाम तक हाईवे को पूरी तरह साफ कर दिया गया। इसके बाद चंद्रकोट, बटोत, पत्नीटाप, रामबन इलाके में फंसे सभी वाहनों को शाम साढ़े पांच बजे से घाटी की ओर रवाना कर दिया गया।
ट्रैफिक कंट्रोल यूनिट के अनुसार रामबन जिले के अधिकर लिंक मार्गों पर अभी भी पस्सियां साफ नहीं कराई जा सकी हैं। इसके कारण ये मार्ग पूरी तरह बंद हैं। इन इलाकों में वाहनों के नहीं जा पाने से राशन आदि की आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है।
जिले के अधिकतर गांवों में बिजली की आपूर्ति ठप है। बनिहाल, गूल और रामबन कसबे के कुछ इलाकों में पिछले तीन दिन से बिजली नहीं आ रही है। पीने के पानी की भी बड़ी किल्लत है। लोगों को साफ पानी पीने को नहीं मिल पा रहा है।
मजबूरन लोगों को चश्मों और दरिया का रुख करना पड़ रहा है, लेकिन यहां भी उन्हें साफ पानी नहीं मिल रहा है। पीएचई विभाग की ओर से भी पानी की आपूर्ति के लिए अभी तक कोई पहल नहीं की गई है।
सनासर पंचायत के आठ मकान भी गिरे, आठ गिरने की कगार पर-
बटोत तहसील में बारिश के बाद हालात बेहद खराब हो गए हैं। अकेले सनासर पंचायत के चौढ़ गांव में ही 17 मकान को नुकसान पहुंचा है। इनमें से आठ मकान गिर गए हैं। लोगों ने घर खाली कर दिए हैं और रिश्तेदारों के यहां शरण ली है। पंचायत का प्राइमरी स्कूल भूस्खलन से तबाह हो गया है।
जानकारी के अनुसार चौढ़ गांव में जमीन पिछले दिनों बारिश के दौरान ही खिसकने लगी थी। बुधवार को हालात और खराब हो गए। भूस्खलन होने से बिलिडिना प्राइमरी स्कूल पूरी तरह टूट गया।
गांव के आठ मकान ढह गए हैं, जबकि नौ गिरने की कगार पर हैं। भूस्खलन की खबर पाकर तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने गिरने वाले मकानों की सूची तैयार करने के साथ ही परिवार के लोगों को उनके रिश्तेदारों के यहां भेज दिया।