Police Commemoration Day
- फोटो : निखिल मेहता
धमकियों ने और किया मजबूत
तीन दशक से जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों और उनके परिवारों को धमकियां मिलती रही हैं। हालांकि इन धमकियों ने उन्हें और मजबूत किया है। उनके साहस ने आने वाली पीढ़ियों को उनके पदचिन्हों पर चलने के लिए प्रेरित किया है। आतंक से लड़ने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने से लेकर आपदाओं में पीड़ितों को सहायता करने तक, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लोगों और उनकी संपत्ति की सेवा और सुरक्षा के लिए अपने समर्पण को साबित किया है।
समर्पण, ईमानदारी और निष्ठा ने किया गौरवान्वित
जम्मू-कश्मीर पुलिस के समर्पण, ईमानदारी और निष्ठा ने भारत को गौरवान्वित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उप राज्यपाल मनोज सिन्हा और अन्य नेताओं ने कई अवसरों पर जेके पुलिस के बलिदानों और उपलब्धियों की सराहना की है। जेकेपी ने राष्ट्र के लिए जो सेवा की है, उसे मान्यता देते हुए इसे शौर्य के लिए एक अशोक चक्र, 2 कीर्ति चक्र, 18 शौर्य चक्र, 1672 राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक और 1822 जम्मू-कश्मीर पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है।