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भारत-पाक वार्ता बंद होने पर ये क्या कह गए अब्दुल्ला

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नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष तथा पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने भारत-पाक वार्ता बंद होने पर नाखुशी जताई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को बातचीत के दरवाजे बंद नहीं करने चाहिए।
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यह कश्मीर के लिए विनाशकारी होगा। उन्होंने दोनों देशों के बीच जारी वाक युद्ध की निंदा करते हुए कहा कि इससे बचना चाहिए ताकि दूरियां बढ़ने न पाएं।

मुजफ्फराबाद, गिलगित-बाल्टिस्तान के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान शनिवार को उन्होंने कहा कि क्रास एलओसी ट्रेवल प्रक्रिया को और आसान बनाया जाना चाहिए ताकि लोग आसानी से अपने रिश्तेदारों से मिल सकें।

मुजफ्फराबाद के डॉ. मोहसिन शकील के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान डॉ. अब्दुल्ला ने कहा कि शेर-ए-कश्मीर शेख मोहम्मद अब्दुल्ला के कार्यकाल में सरकार ने पुलिस स्टेशनों तथा एसएचओ को परमिट देने का अधिकार दिया था।
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विभाजित परिवार हैं अधिक पीड़ित

उन्होंने ट्रेवल प्रक्रिया को जटिल बनाए जाने पर दुख जताया। कहा कि विभाजित परिवार भारत और पाक के बीच कटुता के सबसे अधिक पीड़ित हैं। उन्होंने शांति तथा समृद्धि के लिए दोनों देशों से अपील की कि वे व्यक्ति से व्यक्ति के संपर्क को बढ़ावा दें।

मुजफ्फराबाद, गिलगित तथा बाल्टिस्तान के लोगों से राज्य के लोगों के साथ भावनाओं और विश्वास के साथ जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि यह क्रास एलओसी ट्रेड तथा ट्रेवल को बढ़ावे की दिशा में सकारात्मक कदम होगा।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि शांति तथा सहयोग की भावना से यदि दोनों सरकारें काम करें तो नागरिकों का जीवन स्तर सुधर सकता है। इस दौरान नेकां नेता अब्दुल रहीम राथर भी मौजूद रहे। ज्ञात हो कि तीन दिवसीय क्रास एलओसी कांफ्रेंस में भाग लेने के लिए 50 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल श्रीनगर में है।
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