भारतीय वायुसेना ने जैश के आतंकी कैंप को नष्ट करने की रणनीति महज दो दिन में बनाई। दो दिन लगातार इस पर होमवर्क किया गया। भारतीय सेना की 15 कोर की निगरानी में वायुसेना ने पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया। आतंकी कैंपों की वायुसेना ने ही रेकी की और सटीक कार्रवाई की।
सूत्रों के अनुसार रविवार और सोमवार को वायुसेना ने एलओसी के पार बालाकोट सेक्टर में रेकी की थी। बालाकोट का एक बड़ा हिस्सा पीओके और करीब 35-40 प्रतिशत हिस्सा जम्मू-कश्मीर में आता है। पाकिस्तान को खबर थी कि भारत एयर स्ट्राइक कर सकता है, लेकिन इतनी जल्दी सबकुछ होगा, इसका अंदाजा नहीं था। सिर्फ बारामुला ही नहीं, बल्कि पुंछ जिले में भी एलओसी के उस पार रेकी गई।
एलओसी से बालाकोट की दूरी करीब 60 किलोमीटर है, जहां खैबर पख्तूनख्वाह में जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी कैंप था। एलओसी से खैबर पख्तूनख्वाह तक पहुंचने में मिराज विमान ने मात्र डेढ़ से दो मिनट लिए। ग्वालियर से उड़े विमान पहले श्रीनगर स्थित सेना की 15 कोर के ओल्ड एयरफील्ड मैदान पर उतरे और वहां से एलओसी पार कर गए।
एलओसी पर विमानों से लगातार रखी जा रही नजर
पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक करने के बाद एलओसी पर सेना को पूरी तरह से अलर्ट किया गया है। वायुसेना के विमानों से एलओसी पर लगातार निगरानी की जा रही है। हर 25 मिनट के बाद विमान से एलओसी का दौरा कर हालातों पर नजर रखी जा रही है। सेना की 15 और 16 कोर लगातार वायु सेना और थल सेना के अध्यक्षों के संपर्क में हैं। लगातार पाकिस्तान की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
तीसरी स्ट्राइक अब सेना की
सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान को जवाब देने के लिए तीसरी स्ट्राइक की तैयारी भी कर ली गई है। यह स्ट्राइक भारतीय जवानों को निशाना बनाकर गोलाबारी करने वाले पाक सैनिकों के खिलाफ होगी। इस बार सर्जिकल स्ट्राइक एलओसी पर तैनात सेना के जवान करेंगे।