ज्यौड़ियां। भाजपा मंडल खौड़ की तरफ से सोमवार को खौड़ कार्यालय में प्रेसवार्ता हुई। इस दौरान परिसीमन आयोग की रिपोर्ट को भेदभावपूर्ण बताया गया। भाजपा खौड़ मंडल प्रधान सुखदेव सिंह भाऊ ने कहा कि परिसीमन करने का उद्देश्य यह होता है कि जनता की परेशानियों और समस्याओं को दूर किया जाए। क्योंकि अगर कोई पंचायत दूरी पर है तो उसको नजदीक की विधानसभा क्षेत्र से जोड़ा जाए।
उन्होंने कहा कि यह जो रिपोर्ट आई है उसमें ऐसा नहीं हुआ है। खौड़ के साथ चौकी चोहरा और मैरा मैंदरियां को जोड़ा गया है। चौकी चोहरा और मैरा मैंदंरियां खौड़ से काफी दूर है। अगर चौकी चोहरा के लोगों को खौड़ में आना हो या खौड़ के लोगों को चौकी चोहरा या मैरां मैंदरियां जाना हो तो सारा दिन गुजर जाएगा। इसमें परिसीमन आयोग ने लोगों की समस्याओं को कम नहीं बल्कि बढ़ा दिया है। हमारी आयोग से अपील है कि अपने इस फैसले को वापस ले। क्योंकि हमारी चौकी चोहरा और मैरा मैंदरियां में भी बात हुई है। उनका भी यही कहना है कि जो हमें खौड़ के साथ जोड़ा गया है वह मंजूर नहीं है। प्रेसवार्ता में नगरपालिका खौड़ अध्यक्ष डिप्टी राम, पार्षद दीपक सिंह भाऊ, सरपंच शारदा देेेवी, गीता देवी, अनुराधा शर्मा, सवर्ण सिंह मनहास, रतन सिंह, राज कुमार, संजय सिंह सहित उपस्थित रहे।
परगवाल छंब विधानसभा क्षेत्र का अटूट अंग
ज्यौड़ियां। छंब विधानसभा क्षेत्र से परगवाल को हटाकर अखनूर के साथ जोड़ने और खौड़ के साथ मैरा मैंदरियां और चौकी चोहरा को जोड़ने पर खौड़ विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक उथल-पुथल मच गई है।
परिसीमन आयोग की तरफ से ऐसा करने पर सभी राजनीतिक, सामाजिक और निजी संगठन विरोध करने पर उत्तर आए हैं। सभी लोग जैसा था वैसा ही रहने पर जोर दे रहे हैं। भाजपा नेता व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नरेंद्र सिंह भाऊ ने बताया कि जो परगवाल को खौड़ से हटाकर अखनूर के साथ जोड़ा गया, वह हमें मंजूर नहीं है। क्योंकि जब से देश आजाद हुआ है तब से ही परगवाल खौड़ का हिस्सा है। अगर आयोग ने अपने इस फैसले को वापस नहीं लिया तो परगवाल और खौड़ के लोग चुप नहीं बैठेंगे। हमारी आयोग से अपील है कि वह अपने इस फैसले को वापस ले और खौड़ विधानसभा क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति जैसे थी, वैसे ही रहने दी जाए। नरेंद्र सिंह भाऊ ने कहा कि वह इस मामले को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना से भी भेंट कर छंब विधानसभा क्षेत्र के लोगों की कार्यप्रणाली को लेकर बात कर चुके हैं।
समाजसेवी व युवा नेता संजय राधा ने भी आयोग के इस फैसले पर रोष जताया है उन्होंने कहा कि खौड़ के साथ से परगवाल को हटाना और मैरा मैंदरियां और चौकी चोहरा को जोड़ना आयोग का गलत फैसला है। इसमें संशोधन किया जाए। हमारा कहना है जैसा था वैसे ही रहने दिया जाए, नहीं तो खौड़ के लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाएंगे।
तहसील परगवाल को अखनूर से जोड़ने पर होगा आंदोलन
परगवाल। तहसील परगवाल को अखनूर विधानसभा क्षेत्र से जोड़ने की अटकलों को लेकर परगवाल के लोगों ने गंभीरता से लिया है। इसको लेकर सोमवार को भाजपा मंडल प्रधान बलविंद्र सिंह की अध्यक्षता में प्रेसवार्ता हुई, जिसमें परगवाल को खौड़ विधानसभा से हटाकर अखनूर से जोडे़ जाने पर रोष प्रकट किया गया।
मंडल प्रधान ने कहा कि अगर क्षेत्र को अखनूर के साथ जोड़ा गया तो परगवाल मंडल के सारे सदस्य पद से त्यागपत्र दे देंगे। उनका कहना था कि चिनाब पर बनने वाले पुल को लेकर, क्षेत्र के लोग काफी खुश थे, क्योंकि उनको अपने विधानसभा क्षेत्र खौड़ पहुंचने के लिए लंबे सफर से छुटकारा मिलने वाला था, लेकिन अखनूर से जुड़ने पर उनको फिर से लंबा सफर तय करना पडे़गा। क्षेत्र के लोग चार विधानसभा के साथ ही जुड़ा रहना चाहते हैं।
पंचायत गुढ़ा मन्हासा के सरपंच और महामंत्री जसपाल सिंह का कहना था कि जब से भारत आजाद हुआ है तभी से परगवाल खौड़ विधानसभा से जुड़ा है। परगवाल के लोग अखनूर विधानसभा से नहीं जुड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर तहसील परगवाल को अखनूर विधानसभा क्षेत्र के साथ जोड़ा गया तो वह चुप नहीं बैठेंगे। इस मौके पर संयुक्त रूप से प्रशासन को चेतावनी दी गई कि अगर परगवाल को खौड़ विधानसभा क्षेत्र से हटाकर अखनूर विधानसभा क्षेत्र के साथ जोड़ा गया तो इसके लिए वह आंदोलन करने को भी तैयार रहेंगे।
प्रेसवार्ता में सुभाष सिंह, पवन सिंह, गिरधारी शर्मा, गणेश लाल, कुलदीप सिंह, कुलवीर सिंह, दिलेर सिंह, चरणजीत समेत कई भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अखनूर और छंब सीट में नए क्षेत्रों में निष्पक्ष बटवारा नहीं किया
अखनूर। पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता तारा चंद ने परिसीमन आयोग द्वारा विधानसभा सीटों के बटवारे में चयन क्षेत्र प्रक्रिया की आलोचना करते हुए कहा कि परिसीमन आयोग ने अखनूर और छंब सीट में नए क्षेत्रों में निष्पक्ष बटवारा नहीं किया। केंद्र सरकार के इशारे पर भौगोलिक स्थिति को बदला गया। जो अखनूर और छंब विधानसभा सीटों पर चयन क्षेत्रों का कोई मेल नहीं खाता।
उन्होंने कहा कि आयोग ने विधानसभा सीट छंब का नाम भी बदल दिया। जो 1971 के युद्ध में कुछ हिस्सा छंब पाकिस्तान ने कब्जा कर रखा है और भारत सरकार हासिल करने का दावा करती आई है। मगर खौड़ विधानसभा नया नाम देने पर उसका दावा कम हो जाएगा। उन्होंने बताया कि दोनों विधानसभा सीटों की भौगोलिक स्थिति बदलने पर तहसील चौकी चोहरा, मैरा मेंदरिया और परगवाल लोगों की परेशानियों बढ़ेगी, जबकि क्षेत्र के लोगों में बड़ा गुस्सा है। परिसीमन आयोग को दोबारा क्षेत्र के चयन प्रक्रिया की समीक्षा करके अपने निर्णय को बदला चाहिए। उन्होंने बताया अगर परिसीमन आयोग ने निर्णय नहीं बदला तो क्षेत्र के लोग आंदोलन का रास्ता चुनेंगे।