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परिसीमन आयोग के खिलाफ बढ़ रहा रोष

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सांबा। जम्मू-कशमीर में नई विधानसभा सीटों में की गई बढ़ोतरी को लेकर लोगों में बवाल मचा है। विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। भाजपा, कांग्रेस, जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी, बसपा, पैंथर्स, नेकां, शिवसेना के कार्यकर्ता आयोग की रिपोर्ट के खिलाफ सड़क पर आ गए हैं।
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यही नहीं भाजपा के कई बडे़ नेता भी त्यागपत्र देने की सोच रहे हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने सांसदों से भेंट कर उन्हें भी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपे हैं। इस पर उन्हें आश्वासन दिलाया गया है कि व लोगों के रोष के बारे में परिसीमन आयोग को अवगत कराएंगे। अपनी आपत्ति के साथ लोगों की आपत्ति भी सामने रखेंगे। सनद रहे कि सांबा जिले में पहले दो विधानसभा सीटें थीं। परिसीमन आयोग ने सांबा में एक सीट बढ़ाने की योजना है, जिसमें रामगढ़ के नाम से विधानसभा की सीट बनाए जाने की योजना है। सांबा विधान सभा सीट आरक्षित थी, जबकि विजयपुर सामान्य वर्ग के लिए थी, अब रामगढ़ को आरक्षित किया जा रहा है। इसका काफी विरोध हो रहा है। वहीं रामगढ़ विधानसभा सीट के लिए काफी तोड़ मरोड़ किया है। इसको लेकर भी लोगों में काफी बवाल मचा है। राजपुरा, सांबा की कटली, रामनगर को तो रामगढ़ के साथ जोडे़ जाने की योजना है। वहीं बैनगलाड व पंगदौर पंचायत को सांबा के साथ रखे जाने की योजना से लोगों में काफी गुस्सा है।
सुचेतगढ़ सीट बहाल करने की मांग
कांग्रेस पार्टी ग्रामीण क्षेत्र के महासचिव ने प्रेसवार्ता में उठाए सवाल
आरएस पुरा। परिसीमन आयोग की तरफ से सांसदों को सौंपी गई रिपोर्ट में सुचेतगढ़ विधानसभा सीट खत्म किए जाने के बाद विपक्षी राजनीतिक दलों द्वारा लगातार केंद्र सरकार तथा परिसीमन आयोग पर निशाना साधा जा रहा है। मांग की जा रही है कि सुचेतगढ़ विधानसभा सीट को जल्द से जल्द बहाल किया जाए।
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शनिवार को जिला कांग्रेस ग्रामीण महासचिव मास्टर अजायब सिंह मोटन ने प्रेसवार्ता में आयोग द्वारा सांसदों को सौंपी रिपोर्ट को खारिज कर सुचेतगढ़ विधानसभा सीट को बहाल करने की मांग की। मास्टर अजायब सिंह ने मोटन कहा कि जो रिपोर्ट दी गई है वह जनता विरोधी है। इसे भाजपा के इशारे पर बनाया गया है। वर्ष 1996 में केंद्र की कांग्रेस व नेकां की गठबंधन सरकार ने सीमावर्ती लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अलग सीट विधानसभा सीट का गठन किया था, लेकिन केंद्र की मौजूदा भाजपा सरकार ने इस विधानसभा सीट को खत्म कर लोगों की पहचान को ही खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी परिसीमन आयोग कि इस रिपोर्ट का पूरी तरह से विरोध करते है और मांग कर इस विधानसभा सीट को बहाल किया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस पार्टी का आंदोलन लगातार जारी रहेगा और सुचेतगढ़ के लोगों की अनदेखी करने पर लोगों के साथ खडे़ हैं। भाजपा ने अपना स्वार्थ देखते हुए लोगों के साथ धोखा किया है। प्रेसवार्ता में गारा राम मोटन, रवि कुमार सहित काफी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
नेकां कार्यकर्ताओं ने परीसिमन आयोग के खिलाफ किया प्रदशर्न
एडीसी का सौंपा ज्ञापन
सांबा। परिसीमन आयोग के खिलाफ नेकां कार्यकर्ता भी शनिवार को सड़क पर आ गए। इसी संदर्भ में आयोग की रिपोर्ट के खिलाफ प्रदर्शन किया व एडीसी को ज्ञापन सौंपा। नेकां नेता मोहिंद्र सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय में परिसीमन आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। उन का कहना था कि आयोग ने जम्मू-कश्मीर के लोगों को बांटने का काम किया है। यदि आयोग ने इस पर पुनर्विचार नहीं किया तो आम लोग सड़कों पर आ जाएंगे। बाद में उन्होंने एडीसी सूरम चंद शर्मा को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर बुआ दित्ता व अन्य कार्यकर्ता साथ थे।
कटली पंचायत के लोगों ने परिसीमन आयोग की रिपोर्ट का किया विरोध
सांबा। जिले की कटली पंचायत के लोगों ने शनिवार को प्रेसवार्ता कर परिसीमन आयोग की रिपोर्ट का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि बिना सोचे समझे ही आयोग ने गलत ढंग से काम किया है। जो उन्हें स्वीकार्य नहीं है।
उनके अनुसार सांबा से काट कर उन्हें रामगढ़ के साथ मिलाया गया है। सांबा की कटली से दूरी दो किलोमीटर है जबकि रामगढ़ 25 किलोमीटर दूर है। ऐसे में उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इससे वह लोग सांबा के साथ ही रहना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कटली, दियानी, रख अंब टाली आदि पटवारों को रामगढ़ के साथ जोड़े जाने वह कड़ा विरोध करते हैं । उन्होंने कहा कि यदि आयोग ने अपना निर्णय नहीं बदला तो स्थानीय लोग सड़क पर आ जाएंगे। वहीं चुनाव का भी बहिषकार कर देंगे। प्रदर्शन में पंच रजनी देवी, मीना कुमारी, अनुराधा आदि शामिल रहे।
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