प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि कश्मीर की वर्तमान हालत के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और उनकी नीतियां जिम्मेदार हैं। नेहरू के बाद इंदिरा गांधी का शासन लंबे समय तक रहा और कश्मीर की समस्या गहरी होती चली गई। इसलिए अब प्रायश्चित काल है।
बुधवार को महाराजा हरि सिंह के जन्मदिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि हरि सिंह ने जम्मू-कश्मीर की जो सीमाएं तय की थीं, वही उस रियासत की असली सरहद है।
इसमें ब्लूचिस्तान और गिलगित भी शामिल हैं। कश्मीर की मूल सरहदों के मामले में किसी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अब पीओके को फिर से कश्मीर में शामिल करना ही मुद्दा है।
उन्होंने कहा कि पश्चिमी पाकिस्तान से आए शरणार्थी देश के दूसरे हिस्सों में गए तो उनमें से इंद्र कुमार गुजराल और डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बन गए लेकिन जम्मू-कश्मीर जाने वाले वैसे ही शरणार्थियों को अब तक नागरिकता भी नसीब नहीं हुई है।