प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रविवार तीन फरवरी को जम्मू के विजयपुर में होने वाली महारैली पर दिन भर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। लोगों को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री अपनी चिर परिचित शैली में पीडीपी, नेकां और कांग्रेस के परिवारवाद पर तंज कसेंगे और खूब वाहवाही लूटेंगे।
केंद्रीय बजट में हुई लोक लुभावनी घोषणाओं के बाद जम्मू कश्मीर के दौरे पर आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जम्मू संभाग के सीमांत इलाकों में अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब रहने वाले लोगों को भी काफी उम्मीदें हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने हाल ही में पत्रकार वार्ता में कहा था कि एलओसी पर रहने वाले लोगों की तर्ज पर अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब रहने वाले लोगों को भी सुविधाएं मिले इसके लिए भाजपा प्रतिबद्ध है। ऐसे में प्रधानमंत्री के दौरे से उम्मीद और बढ़ गई हैं।
पहाड़ियों को हाल ही में राज्यपाल शासन ने तीन फीसदी आरक्षण देने का फैसला लिया है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी अपने भाषण में इसका जिक्र भी कर सकते हैं। भाजपा की ज्यादातर सियासत प्रदेश में जम्मू संभाग पर निर्भर करती है। ऐसे में जम्मू संभाग में 35 हजार करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास या उद्घाटन करने के मामले पर प्रधानमंत्री फोकस कर यहां के लोगों की वाह वाही लूटना चाहेंगे।
कश्मीरी विस्थापितों, रिफ्यूजियों के अलावा सीमांत इलाकों के लोगों को लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी अपने संबोधन में उनका जिक्र जरूर करेंगे। सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाने के लिए भी प्रधानमंत्री बजट के प्रावधानों से लेकर अपनी सरकार की नीति को भी उजागर कर सकते हैं और आतंकवाद पर भी निशाना साध सकते हैं। हालांकि अनुच्छेद 370 और 35ए के मामले में प्रधानमंत्री ज्यादा कुछ बोलेंगे, इसकी संभावना कम ही है।