प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एशिया की सबसे बड़ी टनल के लोकार्पण के बहाने न्यू इंडिया की बुनियाद रखेंगे। इस स्मार्ट और इंटेलीजेंट टनल में सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन के लिए जिस तकनीक का इस्तेमाल हुआ है वह दुनिया में आधुनिकतम है। मोदी के न्यू इंडिया के सपने में आधुनिकतम तकनीक से लैस इस नए भारत की कल्पना शुमार है। मोदी आज चिनैनी-नाशरी टनल का उद्घाटन कर इसी तकनीकी क्रांति की नींव रखने वाले हैं। टनल में सारी व्यवस्था मानव रहित और कंप्यूटरीकृत है।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डा. जितेन्द्र सिंह ने अमर उजाला को विशेष मुलाकात में बताया कि दुनिया की टनल तकनीक में चिनैनी-नाशरी टनल अनोखी है। दुनिया में जो भी लेटेस्ट तकनीक है, वह इस टनल में मौजूद है। जो यहां नहीं है वह फिलहाल किसी दूसरे देश में भी नहीं है। भविष्य में बदलाव के बाद जो भी नई तकनीक आएगी वह इस टनल को मिल जाएगी। यह जम्मू कश्मीर और उधमपुर के लिए गौरव का साक्षी बनने वाला है। इससे अर्थव्यवस्था, पर्यटन और रोजगार में बूम आएगा।
पर्यावरण पर विश्व सम्मेलन में भारत ने अपने संकल्प पत्र में कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने का अपना लक्ष्य तय किया है। यह टनल उस संकल्प पत्र के वादे को पूरा करने की ओर एक कदम है। इस टनल में पर्यावरण संरक्षण के सभी उपाय किए गए हैं। पहाड़ों से निकलने वाले पानी का ही टनल में उपयोग हो रहा है और ट्रीटमेंट के बाद नाले में भेजा जा रहा है। स्वच्छता का टनल में विशेष ध्यान रखा गया है। कार्बन उत्सर्जन को शून्य करने की व्यवस्था है। यह व्यवस्था अमेरिका जैसे विकसित देशों के लिए भी एक सीख है।