पीएम मोदी श्रीनगर में योग करते हुए
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लगातार हो रही योग पर चर्चा
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया भर में योग करने वालों की संख्या हर दिन बढ़ रही है और यह दिनचर्या उनके दैनिक जीवन का हिस्सा बनती जा रही है। पीएम ने कहा, 'योग करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मैं जहां भी जाता हूं, शायद ही कोई (अंतरराष्ट्रीय) नेता हो जो मुझसे योग के लाभों के बारे में बात न करता हो।'
पीएम मोदी ने तुर्कमेनिस्तान, सऊदी अरब, मंगोलिया और जर्मनी का उदाहरण देते हुए कहा, "कई देशों में योग लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनता जा रहा है। ध्यान का यह प्राचीन रूप वहां तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
फ्रांसीसी महिला चार्लोट चोपिन का भी किया जिक्र
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने 101 वर्षीय फ्रांसीसी महिला चार्लोट चोपिन का भी जिक्र किया, जिन्हें अपने देश में योग को लोकप्रिय बनाने में उनकी सेवाओं के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
योग के बारे प्रमाणिक जानकारी के लिए दुनिया भर से लोग पहुंच रहे भारत
प्रधानमंत्री ने कहा कि योग के वैश्विक प्रसार ने इसके बारे में धारणा में बदलाव किया है क्योंकि अधिक लोग इसके बारे में प्रमाणिक जानकारी प्राप्त करने के लिए भारत की यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हम अब उत्तराखंड और केरल जैसे राज्यों में योग पर्यटन देख रहे हैं। लोग भारत आ रहे हैं क्योंकि उन्हें प्रामाणिक योग देखने को मिलता है।'
बारिश के चलते बदलना पड़ा समारोह स्थल
डल झील के किनारे स्थित एसकेआईसीसी (शेर-ए-कश्मीर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र) के परिसर में पहले मुख्य समारोह का आयोजन होना तय था। लेकिन सुबह हुई तेज बारिश के चलते कार्यक्रम को एसकेआईसीसी के हॉल में शिफ्ट किया गया। ऐसे में कार्यक्रम करीब एक घंटे की देरी से शुरू हुआ। हालांकि समारोह के शुरू होने के साथ ही कुदरत भी मेहरबान हुई और बारिश रुकी। इसके बाद डल झील के किनारे उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री के साथ योग कर यादगार पलों के साक्षी बने।
योग से रोजगार के रास्ते खुले
उन्होंने कहा, 'लोग अब फिटनेस के लिए निजी योग प्रशिक्षकों को नियुक्त कर रहे हैं और कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए मन और शारीरिक फिटनेस कार्यक्रमों में योग को शामिल कर रही हैं। इसने आजीविका के नए रास्ते खोले हैं।'
योग केवल ज्ञान ही नहीं, विज्ञान भी
प्रधानमंत्री ने कहा कि योग आज लोगों के सामने आने वाली कई समस्याओं का समाधान प्रदान करता है। योग केवल ज्ञान ही नहीं बल्कि विज्ञान भी है। सूचना क्रांति के इस युग में सूचना स्रोतों की बाढ़ आ गई है और मानव मन के लिए एक विषय पर ध्यान केंद्रित करना एक चुनौती है। इसका समाधान भी योग में है क्योंकि यह मन को केंद्रित करने में मदद करता है।