20 अगस्त तक अपडेट करनी होगी वोटर लिस्ट
वोटर लिस्ट अपडेट की प्रक्रिया 25 जुलाई से शुरू होगी और 20 अगस्त को समाप्त होगी। ऐसे में साफ है कि जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव 20 अगस्त के बाद ही होंगे। मतदाता सूची के अपडेट होने के बाद चुनाव आयोग प्रदेश में विधानसभा चुनाव कराने की तैयारियों की घोषणा कर सकता है।
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तीनों राज्यों में मौजूदा विधानसभाओं का कार्यकाल हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र क्रमशः 3 नवंबर, 26 नवंबर 2024 और 5 जनवरी, 2025 को समाप्त होने जा रहा है और इन विधानसभाओं के चुनाव उनके कार्यकाल पूरा होने से पहले कराए जाने आवश्यक हैं।
इसके अलावा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद जम्मू कश्मीर की नवनिर्वाचित सरकार बनाने के लिए विधानसभा चुनाव भी कराए जाने हैं। आयोग ने कहा, "हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनावों में जम्मू-कश्मीर के लोगों की भारी भागीदारी को देखते हुए, आयोग ने 1 जुलाई, 2024 को अर्हता तिथि के रूप में केंद्र शासित प्रदेश में मतदाता सूचियों को अद्यतन करने का भी निर्देश दिया है।"
25 जून से 24 जुलाई तक चलेंगी संशोधन-पूर्व गतिविधियां
संशोधन प्रक्रिया से पहले चुनाव निकाय 25 जून से 24 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर और तीन राज्यों में संशोधन-पूर्व गतिविधियां चलाएगा। यह बताना उचित होगा कि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने भारत के चुनाव आयोग को 30 सितंबर तक जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने का निर्देश दिया है।
पीएम मोदी ने अपने दौरे के दौरान क्या कहा
गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। उन्होंने कहा, 'जम्मू-कश्मीर के लोग स्थानीय स्तर पर अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं, उनके माध्यम से आप समस्याओं के समाधान के तरीके खोजते हैं, इससे बेहतर क्या हो सकता है? इसलिए, अब विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। वह समय दूर नहीं है जब आप अपने वोट से जम्मू-कश्मीर की नई सरकार चुनेंगे। वह दिन भी जल्द ही आएगा जब जम्मू-कश्मीर एक बार फिर एक राज्य के रूप में अपना भविष्य बेहतर बनाएगा।'
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आखिरी बार जम्मू कश्मीर में कब हुए थे चुनाव
जम्मू-कश्मीर में दस साल पहले 2014 में विधानसभा चुनाव हुए थे। इस चुनाव में किसी एक पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिल सका था। इसके बाद 2015 में पीडीपी-भाजपा ने गठबंधन कर प्रदेश सरकार बनाई थी। जून 2018 में भाजपा के समर्थन वापस ले लेने से सरकार गिर गई थी। तबसे जम्मू-कश्मीर में निर्वाचित सरकार नहीं है।
2019 में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया गया। इसके साथ ही जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेश- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बदल दिया गया।