2015 में उन्होंने दिवाली के मौके पर पंजाब सीमा का दौरा किया था। संयोग से उनका दौरा 1965 के भारत-पाक युद्ध के 50 साल होने पर हुआ था। अगले साल मोदी हिमाचल प्रदेश गए थे, जहां उन्होंने अग्रिम चौकी पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस कर्मियों के साथ समय गुजारा था।
प्रधानमंत्री मोदी ने 2017 में जम्मू-कश्मीर के गुरेज में सैनिकों के साथ दिवाली मनाई थी। इस बार उन्होंने राजोरी जिले के बालाकोट सेक्टर में तैनात जवानों के साथ दिवाली मनाई।
वहीं पुलिस के लिए जम्मू शहर में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर दो से तीन दिन के लिए कड़ी चुनौती रहेगी। दिवाली, भइया दूज और विश्वकर्मा दिवस को लेकर बाजारों में खासी रौनक रहेगी। अप्रिय घटना को रोकने के लिए शहर के सभी प्रमुख स्थलों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में सुरक्षा बलों को पाली-वार 24 घंटे लगातार गश्त के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस के अलावा अन्य सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। पूरे तंत्र को अलर्ट पर रखा गया है। बस स्टैंड, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, रघुनाथ मंदिर, रणवीरेश्वर मंदिर सहित प्रमुख बाजारों में 24 घंटे गश्त करने के लिए कहा गया है। बाजारों में सादी वर्दी में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। पुलिस के साथ अर्धसैनिक बल हथियारों के साथ तैनात हैं।
डीआईजी विवेक गुप्ता का कहना है कि फेस्टिवल सीजन शुरू हो चुका है। अगले चार दिन तक सुरक्षा व्यवस्था एक बड़ी चुनौती है। इससे निपटने के लिए पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों का तंत्र पूरी तरह से सक्रिय है। सबकी तरफ से अपने स्तर पर जरूरी बंदोबस्त किए गए हैं।