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अमन के दुश्मनों से परेशान ट्रक चालक, बोले- हमारी सुरक्षा पर ध्यान दे सरकार

Sat, 26 Oct 2019 02:42 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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आतंकियों ने ट्रक को लगाई आग, फाइल फोटो - फोटो : बासित जरगर
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दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले के चित्रगाम में गुरुवार रात आतंकियों ने पहले पेट्रोल बम से ट्रकों पर हमला किया। इससे ट्रकों में आग लग गई। इसके बाद चालकों और खलासी को निशाना बनाकर अंधाधुंध फायरिंग की गई, जिसमें दो की मौत हो गई। एक घायल है। अन्य लोगों ने भागकर जान बचाई।

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डीसी यासीन चौधरी ने बताया कि यह शोपियां की तीसरी घटना है। 16 अक्तूबर की घटना के बाद हमने एक सुरक्षा समीक्षा की। इसके बाद सिक्योर जोन बनाने का फैसला लिया गया था। उद्देश्य यह था कि ट्रकों को वहां खड़ा किया जाएगा और व्यापारी अपना माल छोटी गाड़ियों में वहां तक पहुंचाएंगे। ताकि सब कुछ हमारी नजरों के सामने हो, लेकिन दुर्भाग्य से कुछ ट्रक अंदरूनी इलाकों में भी जा रहे हैं।

गुरुवार जो हादसा हुआ वह अंदरूनी इलाके शोपियां और कुलगाम के बॉर्डर के पास हुआ है। चित्रगाम मोकदम मोहल्ला में हुई इस घटना में राजस्थान अलवर के इलियास खान और भरतपुर के जाहिद खान की मौके पर ही मौत हो गई। पंजाब के होशियारपुर का जीवन सिंह घायल हो गया, उसका एसएमएचएस में इलाज चल रहा है।

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लगातार ट्रक चालकों को निशाना बना रहे हैं आतंकवादी

इस घटना के बाद काफी डर पैदा हो गया है और ट्रक वापस भी चले गए हैं। हम इस स्थिति को भी देख रहे हैं और उनमें दोबारा से विश्वास बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। शोपियां में गुरुवार रात आतंकियों की ओर से सेब से भरे ट्रकों को निशाना बनाए जाने के बाद 150 से अधिक ट्रक बिना माल भरे ही लौट गए हैं।

जिला प्रशासन के अनुसार उनमें दोबारा विश्वास बहाली प्रयास होगा। 14 अक्तूबर को आतंकियों ने शोपियां में राजस्थान के शरीफ  खान नाम के एक ट्रक ड्राईवर की हत्या कर दी और उसका सेब से भरा ट्रक भी जला दिया।

दूसरी घटना 16 अक्तूबर को ट्रेंज शोपियां में चरणजीत सिंह और संजय नाम के दो सेब व्यापारियों को निशाना बनाया, जिसमें चरणजीत की मौत हो गई जबकि संजय गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका इलाज श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल में चल रहा है।
 
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150 से अधिक ट्रक बिना माल भरे वापस चले गए

दोपहर में तीसरी घटना में पुलवामा के निहामा में ईंट के भट्ठे पर काम करने वाले छत्तीसगढ़ के एक मजदूर सेठी साही को मौत के घाट उतार दिया गया। चौथी घटना उत्तरी कश्मीर के सोपोर की है, जहां आतंकियों ने सेब के ट्रक को आग लगाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस और स्थानीय लोगों की कार्रवाई ने इसे नाकाम बनाया।

रात की जो घटना हुई है, जिसमें ट्रक चालकों को मारा गया और उनके ट्रक जलाए गए उसके बाद से यहां से करीब 150 से अधिक ट्रक बिना माल भरे वापस चले गए हैं। अगर यहां की फिजा खराब है तो हमें यहां आने ही क्यों दिया जा रहा है। हर कोई यही चाह रहा है कि जल्द अपने मुकाम पर पहुंच जाएं। हम हर वर्ष आते हैं, इससे पहले कोई परेशानी नहीं हुई थी। -मोहम्मद इलियास, ट्रक ड्राइवर, निवासी बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश

हमारे गांव की भी 120 गाड़ियां वापस चली गई हैं। हमारी सुरक्षा पर ध्यान दिया जाना चाहिए। आतंकी वारदात से काफी दिक्कत हो रही है। ऊपर से प्रीपेड फोन भी बंद हैं। घर वालों से बात नहीं हो पा रही। हम यहां कमाने आए हैं और अगर यहां आने नहीं देंगे तो वहीं कमाना शुरू कर देंगे। - इरफान पठान, ट्रक ड्राइवर, जैसलमेर, राजस्थान
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