इस घटना के बाद काफी डर पैदा हो गया है और ट्रक वापस भी चले गए हैं। हम इस स्थिति को भी देख रहे हैं और उनमें दोबारा से विश्वास बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। शोपियां में गुरुवार रात आतंकियों की ओर से सेब से भरे ट्रकों को निशाना बनाए जाने के बाद 150 से अधिक ट्रक बिना माल भरे ही लौट गए हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार उनमें दोबारा विश्वास बहाली प्रयास होगा। 14 अक्तूबर को आतंकियों ने शोपियां में राजस्थान के शरीफ खान नाम के एक ट्रक ड्राईवर की हत्या कर दी और उसका सेब से भरा ट्रक भी जला दिया।
दूसरी घटना 16 अक्तूबर को ट्रेंज शोपियां में चरणजीत सिंह और संजय नाम के दो सेब व्यापारियों को निशाना बनाया, जिसमें चरणजीत की मौत हो गई जबकि संजय गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका इलाज श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल में चल रहा है।
दोपहर में तीसरी घटना में पुलवामा के निहामा में ईंट के भट्ठे पर काम करने वाले छत्तीसगढ़ के एक मजदूर सेठी साही को मौत के घाट उतार दिया गया। चौथी घटना उत्तरी कश्मीर के सोपोर की है, जहां आतंकियों ने सेब के ट्रक को आग लगाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस और स्थानीय लोगों की कार्रवाई ने इसे नाकाम बनाया।
रात की जो घटना हुई है, जिसमें ट्रक चालकों को मारा गया और उनके ट्रक जलाए गए उसके बाद से यहां से करीब 150 से अधिक ट्रक बिना माल भरे वापस चले गए हैं। अगर यहां की फिजा खराब है तो हमें यहां आने ही क्यों दिया जा रहा है। हर कोई यही चाह रहा है कि जल्द अपने मुकाम पर पहुंच जाएं। हम हर वर्ष आते हैं, इससे पहले कोई परेशानी नहीं हुई थी। -मोहम्मद इलियास, ट्रक ड्राइवर, निवासी बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश
हमारे गांव की भी 120 गाड़ियां वापस चली गई हैं। हमारी सुरक्षा पर ध्यान दिया जाना चाहिए। आतंकी वारदात से काफी दिक्कत हो रही है। ऊपर से प्रीपेड फोन भी बंद हैं। घर वालों से बात नहीं हो पा रही। हम यहां कमाने आए हैं और अगर यहां आने नहीं देंगे तो वहीं कमाना शुरू कर देंगे। - इरफान पठान, ट्रक ड्राइवर, जैसलमेर, राजस्थान