घाटी में आतंकी घटनाओं में आई बौखलाए आतंकी संगठनों ने कश्मीरी युवाओं की एक बार फिर भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जुलाई में शुरू होने वाली श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान आतंकी बड़ी वारदात करने की साजिश कर रहे हैं।
आतंकी संगठनों ने शिक्षित एवं बेरोजगार युवाओं पर अपनी नजर रखी है। जेहाद के नाम पर गुमराह करने के अलावा मोटी रकम दिए जाने का भी प्रलोभन दिया जा रहा है। आतंकी संगठनों का मुख्य टारगेट अमरनाथ यात्रा है।
बारामुला से 18 अप्रैल को पकड़े गए हिजबुल मुजाहिदीन के लिए युवाओं को भर्ती करने वाले ओवर ग्राउंड वर्कर गुलाम मोहम्मद सोफी उर्फ जैनी बाबा के खुलासे के बाद खुफिया एजेंसियों की नींदें उड़ गई हैं।
उसकी इंटेरोगेशन रिपोर्ट में सुुरक्षा एजेंसियों ने बताया कश्मीर में बड़े पैमाने में स्थानीय युवाओं को भर्ती करने का अभियान किया गया है। उसका काम भी युवाओं को भर्ती करने का था। लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन के स्लीपर सैल भी इस काम में सहयोग कर रहे हैं।