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जीएमसी में प्लाज्मा बैंक शुरू, कोविड मरीजों के लिए प्लाज्मा थैरेपी जल्द

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जम्मू। कोविड मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। जीएमसी लेवल एक कोविड अस्पताल में गंभीर कोविड मरीजों को प्लाज्मा थैरेपी सुविधा देने के लिए वीरवार को प्लाज्मा बैंक की शुरुआत हुई। सर्जरी विभाग जीएमसी के तीसरे वर्ष के पीजी डॉ. आदिल मलिक प्लाज्मा बैंक में पहले प्लाज्मा दाता बने। वह ड्यूटी के दौरान कोविड संक्रमित हो गए थे और अब स्वस्थ हैं। कोविड संक्रमण से निपटने के लिए अभी किसी टीका या अन्य उचित उपचार न मिल पाने के कारण प्लाज्मा थैरेपी कोविड मरीजों के लिए वरदान साबित हुई है।
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जीएमसी में शुरू हुए प्लाज्मा बैंक में कोविड संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों का प्लाज्मा रखा जाएगा। जिसे बाद में गंभीर कोविड मरीजों को दिया जाएगा। प्लाज्मा बैंक में कोविड संक्रमण से रिकवर हो चुके 18-60 वर्ष के लोग प्लाज्मा दान कर सकते हैं। ऐसे लोगों में हृदय, फेफड़ों, जिगर, किडनी का कोई रोग नहीं होना चाहिए और उनका वजन 50 किलोग्राम से अधिक होना चाहिए। प्लाज्मा लेने से पहले दानी व्यक्ति की स्क्रीनिंग की जाएगी। प्लाज्मा थैरेपी में कोविड संक्रमित मरीज के ठीक होने पर उसके शरीर में इस वायरस से लड़ने के लिए एंटीबाडी विकसित हो जाती है, जिसे किसी गंभीर संक्रमित व्यक्ति को प्लाज्मा के माध्यम से देकर उसे स्वस्थ किया जा सकता है। देश के विभिन्न हिस्सों में कोविड मरीजों को प्लाज्मा थैरेपी दी जा रही है। गत दिनों सलाहकार आरआर भटनागर ने जीएमसी में जल्द प्लाज्मा थैरेपी शुरू करने के निर्देश दिए थे। जीएमसी के प्रिंसिपल डॉ. नसीब चंद डिगरा और ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की एचओडी डॉ. मीना सिद्दू ने कोविड संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों से प्लाज्मा दान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि उनका प्लाज्मा कई गंभीर कोविड मरीजों की जान बचा सकता है।
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