कांग्रेस ने हमलों को जारी रखते हुए शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एनडीए सरकार को किसानों समेत दलित विरोधी होने का भी आरोप लगा दिया। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी दौरों पर तंज कसते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री विदेशों में घूम रहे हैं और देश के किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं।
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन पीएल पुनिया ने जम्मू में शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश की 125 करोड़ आबादी में करीब 62.5 फीसदी हिस्सा किसानों का है। मोदी सरकार ने किसानों को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
मनमानी करते हुए मोदी सरकार ने 2013 के भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन कर किसानों की भूमि जबरन हथियाने का काम किया है। देश में किसानों को यूरिया का जबरदस्त संकट झेलना पड़ रहा है, इससे फसलों का उत्पादन गिरा है।
फसलों का उचित मूल्य तक नहीं मिल रहा
पुनिया ने कहा कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से करीब 200 लाख हेक्टेयर (494 लाख एकड़) कृषि योग्य भूमि पर फसलों को नुकसान हुआ है। किसान आर्थिक तंगहाली से आत्महत्या करने को मजबूर हैं और हरियाणा के कृषि मंत्री कह रहे हैं कि आत्महत्या करने वाले कायर होते हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने तो यहां तक कह दिया कि किसान भगवान या सरकार पर निर्भर न रहें। पुनिया ने कहा कि मोदी सरकार ने अनुसूचित जाति सब प्लान की राशि 13,228 करोड़ में कमी लाकर दलित विरोधी कार्य किया है और इससे अनुसूचित जाति के कल्याण कार्यों पर असर पड़ेगा।
जयललिता को अपने खेमे में लाने में जुटे मोदी
पुनिया ने कहा कि एआईएडीएमके की नेता जयललिता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एनडीए में शामिल करने का भरसक प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तभी केंद्र सरकार ने सीबीआई को जयललिता के खिलाफ अपील नहीं करने दी।
उन्होंने कहा असल में मोदी सरकार राज्यसभा में विपक्ष के बहुमत से परेशान है और वह जयललिता को अपने खेमे में लाकर राज्यसभा में अल्पमत से निजात पाने के लिए सियासी चाल चल रही हैं।