परियोजना में पाइप बिछाने, पंपिंग स्टेशन स्थापित करने और वितरण नेटवर्क बनाने जैसे बुनियादी ढांचे का किया जाएगा विकास
सांबा। 175 किलोमीटर लंबी गुरदासपुर-जम्मू तवी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन परियोजना पर काम शुरू हो गया है, जिसके तहत 2026 तक जम्मू के घरों में घरेलू गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजना है।
गेल (इंडिया) लिमिटेड दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के किनारे पाइपलाइन बिछा रहा है, जबकि कठुआ और हीरानगर में अनुभागीय वाल्वों पर काम पहले ही चल रहा है। इस परियोजना में पाइप बिछाने, पंपिंग स्टेशन स्थापित करने और वितरण नेटवर्क बनाने जैसी बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, प्राकृतिक गैस कोयले और तेल की तुलना में एक स्वच्छ जीवाश्म ईंधन है, जो ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने और वायु गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करेगा। इससे पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य को लाभ होगा। परियोजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मौसम या सड़क की स्थिति की परवाह किए बिना पूरे साल निर्बाध गैस आपूर्ति हो।
मुख्य ट्रंक पाइपलाइन का मार्ग गुरदासपुर-पठानकोट-कठुआ-सांबा-जम्मू शहर के रास्ते होगा, जिसका प्रारंभ बिंदु गुरदासपुर और समापन बिंदु जम्मू शहर है। पाइपलाइन को प्रतिदिन 2 मिलियन मानक घन मीटर तक गैस परिवहन के लिए डिजाइन किया गया है।
इस पाइपलाइन के पूरी होने से जम्मू और कश्मीर की प्राकृतिक गैस आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस पाइपलाइन से पर्यावरण-अनुकूल ईंधन जम्मू और कश्मीर तक पहुंचेगा, जिससे क्षेत्र की ऊर्जा सुरक्षा में सुधार होगा। संवाद
कठुआ और हीरानगर में इसकी ओपनिंग वाल बन रहे हैं जहां से यह गैस यहां पर आएगी। परियोजना से गैस वितरण प्रणाली और किफायती ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा मिलेगी। इससे घरेलू गैस की आपूर्ति और अधिक प्रभावी और सुरक्षित हो सकेगी।
राजेश शर्मा, उपायुक्त सांबा